बलरामपुर एसपी की जांच में कलेक्टर मेनन को क्लीन चिट

रायपुर। नक्सलियों के लिए भोज का आयोजन करने के मामले में फंसे राज्य के चर्चित कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन को बलरामपुर पुलिस अधीक्षक ने क्लीन चिट दे दी है। दो विधायकों ने आरोप लगाया था कि कलेक्टर ने ही नक्सलियों के लिए जोकपाठ के बिरनीपट जंगल में रात्रिभोज का आयोजन करवाया था।

इसका खुलासा तब हुआ जब एक वैज्ञानिक की मौत की खबर सामने आई। इसके बाद विधायकों ने कलेक्टर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। राज्य शासन ने इस मामले में जांच के आदेश दिए थे। पुलिस अधीक्षक ने कलेक्टर और स्थानीय प्रशासन को क्लीन चिट देते हुए पुलिस मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी है।

पुलिस मुख्यालय को भेजी गई रिपोर्ट में बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि स्थानीय प्रशासन नक्सलियों से नहीं मिला है। प्रशासन के अधिकारियों द्वारा नक्सलियों के लिए रात्रि भोज का आयोजन नहीं किया गया था और न ही किया जा रहा है, बल्कि सौर ऊर्जा प्लांट के लिए रिसर्च कर रहे डॉ. कृभाशंकर व उनके सहयोगियों के लिए प्रशासन के अधिकारियों ने रात्रि भोज का आयोजन किया था।

पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के मुताबिक बलरापुर-रामानुजगंज कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन के निर्देश पर जनपद पंचायत शंकरगढ़ के सीईओ द्वारा जोकपाठ के बिरनीपट जंगल में भोजन की व्यवस्था की गई थी। ग्राम सचिव व दो अन्य लोगों की सहायता से बलरामपुर कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन शाम करीब साढ़े छह बजे तीन वाहनों में जोकपाठ पहुंचे थे। उस समय वहां अंधेरा होने को था।

प्रकाश के लिए लालटेन की व्यवस्था की गई थी व धुंध से बचने के लिए आग जलाई गई थी। करीब एक दर्जन लोग मौके पर मौजूद थे। कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन के कथनानुसार रात करीब साढ़े आठ बजे उनके साथ महेश जयचंद्रा, शिल्पा आनंद व वैज्ञानिक डॉ. कृभाशंकर एक साथ बैठकर चर्चा कर रहे थे। मोबाइल टावर कम होने के कारण सिग्नल कट-कटकर मिल रहा था। इसी बीच वैज्ञानिक को आवाज दी। उनकी आवाज न सुनने पर कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन ने सीईओ जनपद पंचायत शंकरगढ़ से पूछा कि वैज्ञानिक किधर निकल गए?

वैज्ञानिक कृभाशंकर के नहीं मिलने पर ग्रामीणों की मदद से सोलर लैंप लेकर गहन खोजबीन की गई तो कृभाशंकर खाईनुमा बड़े गड्ढे में अचेत अवस्था में मिले। ग्रामीणों की मदद से उन्हें गड्ढे से निकाला गया। बलरामपुर में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण बेहतर इलाज के लिए उन्हें अंबिकापुर अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

उनका अंबिकापुर अस्ताल में बलरामपुर कलेक्टर की उपस्थिति में पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने वैज्ञानिक की मृत्यु सिर में चोट लगने से होना बताया। इस प्रकरण में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है। अब तक की जांच में संज्ञेय अपराध का घटित होना नहीं पाया गया है और मर्ग जांच जारी है।

बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक सदानंद कुमार ने नईदुनिया से चर्चा में कहा कि ऐसी किसी रिपोर्ट के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। इस मामले में कुछ भी कहना उचित नहीं होगा।

कांग्रेस विधायकों ने लगाया था आरोप

रामानुजगंज के कांग्रेस विधायक बृहस्पत सिंह व सामरी विधायक डॉ. प्रीतम राम ने कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन के कार्यकलापों को लेकर राज्यपाल से शिकायत की थी। राज्यपाल ने गृहमंत्री रामसेवक पैकरा को पत्र लिखकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। गृहमंत्री ने गृह विभाग के प्रमुख सचिव को इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों से जांच कराकर की गई कार्रवाई से राज्यपाल को अवगत कराने कहा था।

राज्यपाल से की गई शिकायत में कहा गया है कि बलरामपुर कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन ने 19 अक्टूबर 2014 को जिले के जोकपाठ बिरनीपट में नक्सलियों को रात्रिभोज दिया। उक्त रात्रि भोज में एक वैज्ञानिक की हत्या हुई। जिले की पुलिस को कार्रवाई करने से भी रोका गया। कांग्रेस विधायकों ने मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह व मुख्य सचिव विवेक ढांड से भी इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी।

सुर्खियों में रहे हैं मेनन

आईएएस अफसर व बलरामपुर कलेक्टर एलेक्स पॉल मेनन तब पूरे देश में चर्चा में आए, जब सुकमा कलेक्टर रहते हुए नक्सलियों ने उनका अपहरण कर लिया था। हालांकि बाद में नक्सलियों ने उन्हें छोड़ दिया। हाल ही में श्री मेनन ने एक जनप्रतिनिधि से हुई फोन पर बातचीत के अंश को फेसबुक पर पोस्ट किया था, इसकी मंत्रालय से लेकर दिल्ली तक प्रशासनिक हलकों में जमकर चर्चा रही।

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