बाइक खरीदने की सोच रहे हैं तो जरूर पढ़े कोर्ट का ये फैसला

रायपुर। मोटरसाइकिल खरीदने की चाह रख रहे हैं तो सतर्क हो जाएं, क्योंकि थोड़ी-सी अनदेखी करने से शो रूम से खरीद रहे लाखों के वाहन में भी चूना लग सकता है। इसके बाद लगातार शो रूम के चक्कर लगाते रह जाएंगे। फिलहाल राहत नहीं मिल पाएगी।

इसी तरह की घटना 2016 में डब्ल्यूआरएस कॉलोनी रहवासी धनंजय चौधरी के साथ घटित हुई, जिन्होंने स्टार मोटर (होंडा मोटर साइकिल) खमतराई स्थित शो रूम से ड्रीम युगा मोटरसाइकिल की खरीदी की। वाहन डिलीवरी के बाद परिवादी ने जब घर जाकर देखा कि मोटरसाइकिल का चेचिस नंबर घिसा हुआ था, जिसकी शिकायत परिवादी ने शो रूम में की, लेकिन मैनेजर नहीं हैं कह कर हर बार उसे लौटाया गया।

शिकायत के बाद भी नहीं हुआ सुधार

प्रकरण जिला फोरम पहुंचा, फोरम सदस्यों ने मामले की पड़ताल करते हुए अनावेदक को कदाचार का दोषी माना। परिवादी द्वारा 60870 रुपये खर्च कर मोटरसाइकिल की खरीदी हुई। अनावेदक की स्वयं की गलती होने के बावजूद व शिकायत करने पर सुधार हेतु हर बार परिवादी को झूठा आश्वासन दिया गया।

हीं प्रकरण का हल निकालने के बजाय कई बार शो रूम का चक्कर लगावाया गया। इस प्रकार से अनावेदक के उपरोक्त कृत्य व्यापारिक दुराचरण एवं सेवा में कमी दर्शाता है। जिससे परिवादी को हुई मानसिक परेशानी के लिए दस हजार रुपये सहित नया मोटर साइकिल देने का फैसला सुनाया