बिना मान्यता चल रहे स्कूल, अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी

रायपुर। जिला स्कूल शिक्षा विभाग ने बिना मान्यता के स्कूल चलाने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। जिला शिक्षा अधिकारी एएन बंजारा ने बिना मान्यता के चल रहज स्कूलों की शिकायत आने के बाद सभी नोडल अधिकारियों को निर्देश जारी किया है कि वे अपने नोडल के अंतर्गत आने वाले निजी स्कूलों की मान्यता, नवीनीकरण की स्थिति आदि जांच लें।

यदि इन स्कूलों में बिना मान्यता के स्कूल संचालन किया जा रहा है तो तत्काल प्रभाव से इन स्कूलों के खिलाफ एफआइआर दर्ज की जाए। बताया जाता है कि 01 मई 2018 को जिन 24 स्कूलों की मान्यता खत्म करके शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया था उनमें से कुछ स्कूल अभी भी संचालित हैं।

ऐसी शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। बता दें कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम का पालन नहीं करने के कारण जिला शिक्षा अधिकारी ने इन स्कूलों को बंद करने का फरमान जारी किया था। अब मान्यता खत्म करने के बाद भी यदि ये स्कूल चलेंगे तो इन पर कार्रवाई होना तय है। जिन स्कूलों को मान्यता नहीं है वहां के बच्चों को नजदीकी दूसरे निजी या सरकारी स्कूलों में शिफ्ट कराने का प्रावधान है।

इन स्कूलों की खत्म हो चुकी है मान्यता

जिला शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक रायपुर में इस साल 24 स्कूलों की मान्यता खत्म कर दी गई है। इनमें रायपुर में राधादेवी स्मृति पूमावि भाठागांव रायपुर, शिवमंदिर कुशालपुर, नवजीवन विद्यामंदिर जनता कॉलोनी, मिंटू शर्मा स्कूल टिकरापारा, शांतिकुंज विद्यामंदिर, नवजीवन स्कूल कृष्णा नगर, बिन्नी सोनकर रामकुंड, सरस्वती ज्ञान मंदिर कबीर नगर, न्यू इरा पब्लिक स्कूल, न्यू लिटिल फ्लावर स्कूल वीर सावरकर नगर, विवेकानंद विद्या निकेतन लाभांडी, कृति किंडर गार्डन शंकर नगर, साक्षी गोपाल स्कूल विधानसभा, एमएस के स्कूल गायत्री नगर, मधुबन हायर सेकंडरी स्कूल गुढ़ियारी, आरके विद्या मंदिर गुढ़ियारी, ज्ञानोदय सरस्वती इंग्लिश मीडियम स्कूल, सरस्वती ज्ञान मंदिर फाफाडीह, सेक्रेड हार्ट पब्लिक स्कूल चंद्रखुरी फार्म आरंग, स्माल स्टार स्कूल समोदा, आदर्श सरस्वती विद्या मंदिर सेक्टर 27 नया रायपुर, वेदांता पब्लिक स्कूल दोंदेखुर्द, सद्गुरु प्राथमिक शाला रामनगर और ज्ञान सागर इंग्लिश स्कूल शामिल हैं।

नोडल अफसरों की मिलीभगत की आशंका

कुछ इलाकों में बिना मान्यता या नवीनीकरण कराये बिना ही निजी स्कूल संचालित हो रहे हैं। इन स्कूलों की मान्यता की निगरानी रखने की जिम्मेदानी नोडल प्राचार्यों की भी है, लेकिन कुछ इलाकों में नोडल प्राचार्य इनकी जांच तक नहीं कर रहे हैं। ऐसे में नोडल अफसरों व निजी स्कूलों के बीच मिलीभगत की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।

जांच करने के लिए कहा गया है

– राज्य शासन के निर्देश पर स्कूलों की जांच कराई गई थी। इनमें जो स्कूल मापदंडों पर खरे नहीं उतरे थे उनकी मान्यता खत्म की गई थी। यदि स्कूल अभी भी चल रहे हैं तो कार्रवाई होगी। नोडल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।