बीना में सिंचाई परियोजना का भूमिपूजन, 90 हजार हेक्टेयर रकबे को मिलेगा फायदा

सागर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीना नदी संयुक्त सिंचाई परियोजना का भूमिपूजन किया। 3750 करोड़ की लागत की इस परियोजना से 90 हजार हेक्टेयर रकबे में सिंचाई हो सकेगी।

सागर के खुरई के नवीन कृषि मण्डी प्रांगण में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बीना नदी संयुक्त सिंचाई परियोजना का भूमिपूजन किया। इस दौरान प्रदेश के पंचायत मंत्री गोपाल भार्गव, जल संसाधन, गृह एवं परिवहन मंत्री भूपेन्द्र सिंह मौजूद भी मौजूद थे।

कार्यक्रम में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश के हिस्से का एक-एक बूंद पानी प्रदेश को ही मिलेगा। 10 लाख हैक्टेयर की सिंचाई योजना बुंदेलखंड में चल रही है।

ये है परियोजना

बीना नदी संयुक्त सिंचाई परियोजना के अंतर्गत बीना नदी पर मडिया बांध एवं चकरपुर बांध का निर्माण प्रस्तावित है। यह करीब 3750 करोड़ रुपये की लागत से बनेगीं। इससे 90 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी । इसका लाभ सागर जिल की बीना एखुरई और सुरखी विधानसभा क्षेत्र के करीब 400 गांवों को लाभ मिलेगा। और इससे 21 मेगावाट बिजली का उत्पादन भी प्रस्तावित है ।

40 लाख मकान बनाकर देंगे

उन्होंने ये भी कहा कि गरीबी हटाने के लिए सरकार एक फॉर्मूले पर काम कर रही है। इसके तहत अमीरों से टैक्स वसूला जाएगा और और इस राशि का उपयोजन गरीबों को योजनाओं पर खर्च की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के बाद अब मुख्यमंत्री अंत्योदय योजना के तहत गरीबों के लिए 40 लाख मकान बनाए जाएंगे। सीएम ने कहा कि 3 जुलाई से शिविर लगाकर सरकार द्वारा गरीबों के बिजली के बिल भरे जाएंगे। गरीबों के यहां बिजली के मीटर नहीं लगेंगे, उनसे 200 रुपया महीना बिल लिया जाएगा।

कांग्रेस सिर्फ हल्ला मचा रही

सीएम ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश में कांग्रेस हल्ला कर रही है कि किसान नाराज हैं। लेकिन वास्तविकता ये नहीं है। अकेले सागर जिले में पिछले एक साल में 1150 करोड़ रुपए किसानों के खाते में जमा कराए गए।

फांसी की मांग को लेकर लिखेंगे पत्र

मंदसौर में मासूम बच्ची से दुष्कर्म की घटना को लेकर देशभर में गुस्से का माहौल है। इसे लेकर पूरे प्रदेश में लगातार विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं। इस घटना को लेकर सीएम ने कहा कि वे मंदसौर सामूहिक दुष्कर्म को अंजाम देने वाले दरिंदो को फांसी दिलाने के लिए वे सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस और हाईकोर्ट को पत्र लिखेंगे।