बुधवार और अक्षय तृतीया के योग में सुबह उठते ही करें ये 5 काम, हो सकता है भाग्योदय

यूटिलिटी डेस्क।बुधवार, 18 अप्रैल को अक्षय तृतीया है। शास्त्रों में इस तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। इस तिथि पर वृंदावन में भी श्री विग्रह के चरणों के दर्शन होते हैं। इस तृतीया पर किया गया व्रत और दान बहुत शुभ माना जाता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. दयानंद शास्त्री के अनुसार प्राचीन समय में इसी तिथि से वेदव्‍यासजी ने महाभारत ग्रंथ की रचना प्रारंभ की थी। मां लक्ष्‍मी से कुबेर देव को इसी दिन धन-संप‍त्ति प्राप्‍ति हुई थी। यहां जानिए बुधवार और अक्षय तृतीया के लिए 5 ऐसे शुभ काम, जिनसे किसी भी व्यक्ति का भाग्योदय हो सकता है…

पहला काम

सुबह जागते ही सबसे पहले दोनों हथेलियां देखें। इसके बाद ये मंत्र बोलें-

कराग्रे वसते लक्ष्मी करमध्ये सरस्वती।

करमूले तू गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम्॥

दूसरा काम

अक्षय तृतीया पर सुबह नहाते समय सभी तीर्थों और पवित्र नदियों का ध्यान करें। ऐसा करने से घर पर ही तीर्थ स्नान का फल मिल सकता है।

तीसरा काम

नहाने के बाद साफ वस्त्र पहनकर सूर्यदेव को जल चढ़ाएं। जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे का उपयोग करें।

चौथा काम

अक्षय तृतीया पर किया गया दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है। इस दिन जौ, गेहूं, चने, दही, चावल, खिचड़ी, गन्ने का रस, ठंडाई और दूध से बने हुए पदार्थ, सोना, कपड़े, जल का कलश आदि चीजें दान कर सकते हैं।

पांचवां काम

18 अप्रैल की शाम किसी शिव मंदिर जाएं और शिवलिंग के पास दीपक जलाएं। दीपक जलाने के बाद शिव मंत्र ऊँ नम: शिवाय का जाप 108 बार करें।