बुनकरों के उत्थान के लिए राज्य सरकार करेगी हरसंभव मदद : डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से आज यहां उनके निवास कार्यालय में हेण्डलूम के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित जांजगीर चाम्पा जिले के ग्राम केरा निवासी बुनकर श्री भोजराम देवांगन ने सौजन्य मुलाकात की। ज्ञातव्य है कि समय की मांग के अनुरूप नई-नई डिजाईनों का निर्माण कर श्री देवांगन ने अनेक प्रकार की बस्तर कोसा साड़ी का निर्माण किया है। उनके इस प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है। राष्ट्रीय हेण्डलूम दिवस के मौके पर चेन्नई में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें पुरस्कार से सम्मानित किया। प्रधानमंत्री ने उन्हें पुरस्कार के तौर पर प्रशंसा पत्र के साथ ताम्रपत्र और एक लाख रुपए की चेक भी इनाम मंे दिए। मुख्यमंत्री ने श्री भोजराम को राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने श्री देवांगन और उनके साथ आए अन्य बुनकरों और जय मां चण्डी सहकारी बुनकर सहकारी समिति के सदस्यों के साथ बुनकरी कारोबार के उत्थान के लिए विचार-विमर्श भी किया। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में 45 हजार से ज्यादा परिवारों का रोजी-रोटी बुनकरी पेशे से चलता है। राज्य में अनेक परम्परागत जातियां इस पेशे से जुड़ी हैं। उनके कौशल विकास के साथ बाजार से जोड़ने पर उनका कारोबार और बढ़ सकता है। राज्य सरकार बुनकरी को एक प्रमुख पेशे के रूप में पहचान की है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों को स्व-रोजगार दी जा सकती है। डॉ. सिंह ने कहा कि आधुनिकता के प्रभाव में लोग-बाग हमारे इस परम्परागत व्यवसाय को भूलते जा रहे हैं, लेकिन राज्य सरकार इस कारोबार को बढ़ाने के लिए वचनबद्ध है। उन्होंने श्री देवांगन को बुनकरी उद्यम के उत्थान और ज्यादा लाभकारी बनाने के लिए जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रस्ताव देने का आग्रह किया। इस अवसर पर श्री जीवनलाल देवांगन, श्री रामप्रसाद देवांगन सहित जय मां चण्डी बुनकर सहकारी समिति के अनेक सदस्य उपस्थित थे।

 

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