बेंगलुरू से लाई इस चमत्कारिक मशीन ने बचाई मरीज की जान

एमवाय अस्पताल में पहली बार अत्याुनिक मशीन से ट्यूमर की सर्जरी की गई। अस्पताल में लाई गई डेढ़ करोड़ रुपए लागत की न्यूरोनेविगेशन मशीन का उपयोग कर डॉक्टरों ने शनिवार को एक मरीज की जान बचा ली। अभी इस तरह की मशीनों का उपयोग कॉरपोरेट क्षेत्र के अस्पतालों में ही होता है।

सामान्य तौर पर न्यूरो सर्जरी के दौरान सर्जन सीटी स्केन और एमआरआई रिपोर्ट के आार पर सिर में ट्यूमर के स्थान का अनुमान लगाते हैं। इससे चमड़ी को ज्यादा काटने के साथ हड्डी को भी हटाना पड़ता है, लेकिन न्यूरोनेविगेशन मशीन जीपीएस की तरह सही लोकेशन बताती है।

एमवाय अस्पताल में इस अत्याुनिक मशीन का आना काफी खास हो गया, क्योंकि 14 साल के मरीज के सिर में गंभीर ट्यूमर था। सर्जरी विभाग ने बेंगलुरु की एचआरएस कंपनी से संपर्क किया। कंपनी ने भी हाल ही में इस मशीन को मार्केट में लॉन्च किया है। उसने अपने नए उत्पाद को डेमॉन्स्ट्रेशन के तौर पर इसे एमवाय अस्पताल को दिया।

समय भी कम लगा

सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. आरके माथुर के निर्देशन में न्यूरो सर्जन डॉ. जफर शेख, डॉ. परेश सौंधिया, डॉ. मुकेश शर्मा ने सर्जरी की। डॉ.जफर ने बताया कि यह मशीन ट्यूमर का शत प्रतिशत सही जगह पता लगाती है। मरीज की जान को खतरा काफी कम हो जाता है। इस मशीन से कई गरीब मरीजों को फायदा मिलेगा। सामान्य तौर पर सर्जरी करने में 4 घंटे का समय लगता है, लेकिन मशीन से ढाई से तीन घंटे लगे।

सुपर स्पेशिएलिटी सेंटर में आ सकती है मशीन

फिलहाल यह मशीन कुछ दिनों के लिए अस्पताल में आई है, लेकिन सुपर स्पेशिएलिटी सेंटर के प्रस्ताव में न्यूरोनेविगेशन मशीन भी दी गई है। इस मशीन के आने से प्रदेशभर के गरीब मरीजों को फायदा मिलेगा, जिन्हें अभी ऐसी सर्जरी के लिए बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है।