बेटे के अंगदान कर चुके माता-पिता ने सूनी गोद भरने के लिए लगाई गुहार

बेटे की मौत के बाद उसके अंगदान करने वाले माता-पिता ने अपनी सूनी गोद भरने के लिए सरकार से गुहार लगाई है। दंपती अपने मृत बेटे का अधूरा सपना पूरा करने के लिए एक बच्चा चाहते हैं। उन्होंने निराश्रित बच्चे को पढ़ा-लिखाकर नेक इनसान बनाने के लिए दत्तक ग्रहण प्रक्रिया के तहत आवेदन किया है। सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (कारा) की वेटिंग लिस्ट में नाम आते ही दंपती को अनाथ बच्चा गोद दिया जाएगा।

पिछले साल 22 मार्च को भातकी बड़वानी का 18 वर्षीय दुर्गेश मालवीय धामनोद में सड़क दुर्घटना में ब्रेनडेड हो गया था। पिता प्रेमलाल और कौशल्या ने दूसरों की जिंदगी की खातिर बेटे का दिल, लिवर और किडनियां दान की थीं। उस समय शहर में दूसरी बार तीन जगह ग्रीन कॉरिडोर बनाकर दुर्गेश के अंग ट्रांसप्लांट के लिए भेजे गए थे। दुर्गेश को गुजरे डेढ़ साल हो चुका है।

उसकी तीनों बहनों की भी शादी हो चुकी है और घर में माता-पिता अकेले रह गए हैं। दुर्गेश कराते में ब्लैक बेल्ट था। इस क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर नाम कमाना चाहता था। कौशल्या को बेटे का यह अधूरा सपना हमेशा खलता रहा, इसलिए उन्होंने बच्चा गोद लेने के लिए कारा में आवेदन किया है। महिला सशक्तिकरण विभाग और शहर के एनजीओ इस काम में उनकी मदद कर रहे हैं।

बुधवार को उपसंचालक डॉ. मंजुला तिवारी और सामाजिक कार्यकर्ता सुनीता मिश्रा बड़वानी में दंपती के घर का निरीक्षण करने के लिए गए थे। दंपती की किराना दुकान और आटा चक्की है। यहां देखा गया कि वे बच्चे का पालन-पोषण करने योग्य हैं या नहीं। डॉ. तिवारी ने बताया निरीक्षण के आधार पर फाइल तैयार की जा रही है। दंपती की उम्र मिलाकर 90 वर्ष से ज्यादा है। कारा से अनुमति मिलते ही उन्हें निराश्रित बच्चा गोद दिया जाएगा। 4 से 8 वर्ष की उम्र के एक बच्चे को परिवार मिल जाएगा। दंपती बच्चे को अच्छी शिक्षा और परवरिश देना चाहते हैं।