बेटे के खून से सनी शर्ट लिए घूम रहे हैं माता-पिता, फिर सामने आई ये कहानी

भोपाल। एक तरफ बेटा मरणासन्न हालत में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। वहीं, मां-बाप बेटे को इस हाल में पहुंचाने वाले दबंगों के खिलाफ पुलिस को यकीन दिलाने के लिए थानों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पुलिस को विश्वास दिलाने के लिए एक बुजुर्ग दंपती अपने बेटे की खून से सनी शर्ट लेकर एसपी के पास पहुंच गए। इसके बाद ही पुलिस ने मारपीट का मुकदमा दर्ज किया है। इसके पहले पुलिस ने जो मुकदमा दर्ज किया था, उसमें मारपीट की धाराएं नहीं लगाई गई थीं।
अधिकारियों को दिखाने के लिए संभाल रखी थी शर्ट
– मध्य प्रदेश के दमोह जिले के हटा इलाके में युवक की मां कौशल्या बाई ने बताया कि उसके सिर पर गंभीर घाव था, खून में सारे कपड़े भीग गए थे, सबूत के तौर पर वह अपने साथ पॉलीथीन में बेटे की खून से सनी हुई शर्ट भी रखे हुई थी, जो उसने अधिकारियों को निकालकर दिखाई। महिला ने बताया कि पिछले 1 माह से वह शर्ट संभालकर रखे है, ताकि अधिकारियों को हकीकत दिखा सके। पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ केवल मारपीट का मामला दर्ज करने पर गुस्साए माता- पिता मंगलवार को कलेक्टोरेट पहुंचे और अधिकारियों को बेटे की खून से सनी शर्ट दिखाई।
– एएसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने रमलू अहिरवार सहित तीन लोगों के खिलाफ केवल मारपीट का मामला दर्ज किया है। जबकि परिजनों का कहना है कि इस मामले में 307 का मामला दर्ज किया जाना चाहिए। एएसपी अरविंद दुबे ने मामले सुनने के बाद हटा थाना प्रभारी से मामले की जांच करके प्रतिवेदन पेश करने के लिए कहा है।
जिंदगी बचने की उम्मीद कम
बचने की उम्मीद मध्य प्रदेश के दमोह जिले में हटा थाने के सोजना गांव में किसी पुरानी रंजिश को को लेकर १२ सितंबर को तीन आरोपियों ने मिलकर फरसा और लाठियों से एक युवक पर हमला बोल दिया। युवक के सिर पर फरसा लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे हटा से जिला अस्पताल दमोह और यहां से जबलपुर रैफर किया गया। जहां पर डाॅक्टरों ने हालत में सुधार न होने पर एक माह बाद युवक को उसके घर वापस भेज दिया है। जबलपुर में उसकी हालात खराब होने पर डाॅक्टरों ने उसे घर वापस लौटा दिया है, उसके बचने की उम्मीद खत्म हो गई है।
सिर पर 18 टांके, फिर भी पुलिस ने मामूली बताया केस
एसपी ऑफिस शिकायत करने पहुंचीं मां कौशल्या और पिता कल्लू अहिरवार ने बताया कि उनके बेटे शिवराज अहिरवार के साथ गांव के ही रमलू अहिरवार, जगदीश अहिरवार सहित दो अन्य ने फरसा, कुल्हाड़ी और लाठियों से हमला कर दिया था। शिवराज के सिर पर फरसा लगने से गंभीर घाव हो गया था। डाॅक्टरों ने 18 टांके उसके सिर पर लगाए थे। बेटे को हटा से दमोह और वहां से जबलपुर रैफर किया गया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ जो मामला दर्ज किया है, उसमें मारपीट का उल्लेख किया है। जबकि शिवराज के सिर पर गंभीर घाव है। उसका कोई भी उल्लेख एफआईआर में दर्ज नहीं किया है।