‘बेटे’ को मारने के लिए पिस्तौल थामते वक्त पसीने से नहा गईं थीं रीमा लागू

यूं तो रीमा लागू ने अपने फिल्मी करियर में कई बार मां के किरदार निभाए लेकिन उनको सबसे ज्यादा परेशान ‘वास्तव’ में बेटे बने संजय दत्त को शूट करने वाले सीन में हुई।
उस फिल्म में रीमा चॉल में रहने वाली एक मां के किरदार में थी जिसका बेटा गलत राह पर निकल जाता है और वो बेबस कुछ कर नहीं पाती। लेकिन अंत में इसी किरदार में जबरदस्त बदलाव आता है जब रीमा लागू अपने तपड़ते बेटे की  गुजारिश पर अपने हाथों से उसका सीना छलनी कर देती है।
बकौल रीमा ये किरदार और फिल्म का क्लाइमेक्स बहुत ही मुश्किल था। उन्हें पिस्तोल के वजन का अंदाज नहीं था और जब संजय दत्त ने उन्हें शूट करने के लिए पिस्तौल थमाई तो एकबारगी वो घबरा उठी।
अब तक मां के हंसमुख और मॉर्डन किरदार निभाने वाली रीमा के लिए बेटे को शूट करने का सीन करना बहुत ही कठिन सा लग रहा था। डायरेक्टर ने भरोसा दिलाया और संजय भी सपोर्ट में थे। लेकिन शूट करने से पहले जब रिहर्सल की तो वो पसीने से नहा उठी। सीन नकली था लेकिन रीमा लागू एक मां के तौर पर बुरी तरह तनाव में आ गईं।
फिल्म हिट हुई थी और एक साहसी मां के किरदार के रूप में रीमा लागू की बहुत तारीफ हुई थी। इस सीन को लेकर कुछ सोशल मीडिया मेमे भी चले थे। एक मेमे में लिखा था – रीमा लागू ने संजय दत्त को गोली मार दी और बगल में खड़े एसीपी प्रद्यूमन कुछ न कर सके।
दरअसल सीआईडी सीरियल में एसीपी का किरदार निभा कर मशहूर हुए शिवाजी साटम इस फिल्म में संजय के पिता बनते हैं औऱ जब रीमा लागू संजय को गोली मारती हैं तो शिवाजी साटम बगल में ही खड़े होते है।

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