बेनगाजी हमले में शामिल मुख्य आतंकवादी को पकड़ा गया ,डोनाल्ड ट्रंप के आदेश पर

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिकी बलों ने वर्ष 2012 में लीबिया के बेनगाजी में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हुए घातक हमले में शामिल माने जा रहे एक मुख्य आतंकवादी को गिरफ्तार किया है. इस हमले में एक राजनयिक समेत चार अमेरिकियों की मौत हो गई थी. ट्रंप ने मिशन को मंजूरी दी जिसके बाद अमेरिकी बलों ने लीबिया में मुस्तफा अल इमाम को गिरफ्तार किया. ट्रंप ने एक बयान में कहा कि मेरे आदेश पर कल अमेरिकी बलों ने लीबिया में मुस्तफा अल इमाम को पकड़ा. न्याय विभाग ने एक बयान में कहा कि अल इमाम (46) लीबिया में अमेरिका की हिरासत में है और अमेरिका पहुंचने पर उसे वाशिंगटन में संघीय जज के सामने पेश किया जाएगा. ट्रंप ने कहा कि इस सफल अभियान के कारण अल इमाम को बेनगाजी में 11 सितंबर 2012 को हुए हमलों में उसकी कथित भूमिका के लिए अमेरिका में न्याय के दायरे में लाया जाएगा. इस हमले में हमारे देश की सेवा कर रहे चार बहादुर अमेरिकियो.  राजदूत क्रिस्टोफर, स्टीवेन्स ग्लेन डोहर्ती, सीन स्मिथ और टायरोन वुड्स की मौत हो गई थी. उन्होंने कहा कि अमेरिका यह सुनिश्चित करने के लिए लीबियाई साझीदारों को समर्थन देना जारी रखेगा कि इस्लामिक स्टेट और अन्य आतंकवादी समूह अमेरिकी नागरिकों या हितों, लीबिया के निवासियों और अन्यों के खिलाफ हमला करने के लिए लीबिया का इस्तेमाल पनाहगाह के रूप में नहीं कर पाएं. ट्रंप ने कहा, ‘‘लीबिया की दीर्घकालीन स्थिरता एवं सुरक्षा एकजुट सरकार एवं सेना के गठन की क्षमता से जुड़ी हैं और हम सभी लीबिया के निवासियों को संयुक्त राष्ट्र की मदद से जारी सुलह प्रक्रिया को समर्थन देने और एक शांतिपूर्ण एवं स्थायी देश के निर्माण की खातिर मिलकर काम करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं. इस बीच एक अन्य बयान में अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने ट्रंप के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा, ‘‘मैं 11 सितंबर, 2012 के आतंकवादी हमलों को अंजाम देने वालों को न्याय के दायरे में लाने के अमेरिकी सेना, कानून प्रवर्तन और खुफिया समुदाय के प्रयासों को लेकर उनका शुक्रिया अदा करता हूं. उन्होंने कहा,‘‘विदेश मंत्रालय राजदूत क्रिस स्टीवन्स, ग्लेन डोहर्ती, सीन स्मिथ और टायरोन वुड्स की मौत पर शोकाकुल है और वह यह सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगा कि इन समर्पित अमेरिकियों और जन सेवकों को न्याय मिले. अल इमाम के खिलाफ बेनगाजी हमले में उसकी कथित भूमिका के लिए आरोप लगाए गए है. 19 मई 2015 को मुहर बंद शिकायत के अनुसार अल इमाम के खिलाफ संघीय केंद्र पर हमले के दौरान एक व्यक्ति की हत्या करने और हमलों का षड़यंत्र रचने और कोशिश करने का आरोप लगाया गया. इस दौरान आग्नेयास्त्र एवं खतरनाक हथियार का इस्तेमाल किया गया. उस पर आतंकवादियों को सहायता मुहैया कराने, मुहैया कराने की कोशिश करने और षड़यंत्र रचने का आरोप लगाया गया.