बेसमेंट में धंसी मिट्‌टी, मलबे के नीचे दबे 4 मजदूर, एक की मौत

ग्वालियर.शिंदे की छावनी में नवाब साहब के कुएं के नजदीक बनाए जा रहे मकान के बेसमेंट के निर्माण के दौरान मिट्टी धंसक गई। मिट्टी धंसकने से इसमें 4 मजदूर दब गए। घायल बेताल जाटव और श्रीराम कुशवाह ने बताया कि मिट्‌टी इतनी तेजी से धंसी कि हमें संभलने का मौका तक नहीं मिला। मलबे में दबे 3 मजदूरों को तो 1 घंटे के रेस्क्यू में निकाल लिया गया जबकि एक मजदूर को निकालने के लिए निगम अमला लगभग 3 घंटे तक मशक्कत करता रहा। इसके बाद उसे जिंदा हालत में निकाल लिया गया था। अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी मौत हो गई। इंदरगंज थाने की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
– नबाव साहब के कुएं में डॉ. दुबे के नर्सिंग होम के बाहर निर्माण चल रहा है। यहां पर बेसमेंट बनाने के लिए कुछ दिन से खुदाई चल रही थी। मंगलवार को यहां पर शटरिंग का काम शुरू किया जा रहा था।
– सुबह लगभग 9 बजे मजदूर काम पर पहुंचे। बेसमेंट के लिए खोदे गए गड्ढे में विजय जाटव, बेताल जाटव, श्रीराम कुशवाह और किशनलाल बाजौरिया उर्फ मुनीम काम कर रहे थे। इसी दौरान एक ओर की दीवार से मिट्टी धंसकना शुरू हुई और ये लोग मिट्टी में दब गए। चूंकि श्रीराम कुशवाह थोड़ी दूरी पर काम कर रहा था, इस कारण वह चपेट में नहीं आया।
– हादसा देखकर राहगीरों ने शोर मचाना शुरू किया और कुछ लोग मिट्टी में दबे मजदूरों को निकालने की कोशिश में लग गए। कंट्रोल रूम को भी इस बीच सूचना दे दी गई। सूचना मिलते ही इंदरगंज थाने की पुलिस और दमकल अमला मौके पर पहुंच गया। यहां पर दो मजदूरों विजय और बेताल को थोड़ी मशक्कत के बाद निकाल लिया गया। हालांकि विजय आधा मलबे में धंस गया था।
– पत्थर गिरने से उसके सिर में चोट आई। बेताल के बायें पांव के साथ कमर में मुंदी चोट आईं। जबकि किशनलाल बाजौरिया उर्फ मुनीम (65) निवासी नदी पार टाल मिट्टी में बहुत नीचे दब गया था। उसे निकालने के लिए निगम ने जेसीबी मशीन मंगा ली। लगभग 1.57 बजे किशन लाल को निकाल लिया गया। तब किशन लाल जिंदा था।
– हाथ जोड़कर इस अवस्था में मिट्टी के नीचे दबा था, जैसे वह भगवान से प्रार्थना कर रहा हो। किशनलाल को अस्पताल भेजा गया जहां उसकी मौत हो गई। बेसमेंट के गड्ढे में जिस ओर से मिट्टी धंसकी, उस ओर गली की नाली थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि नमी की वजह से ही मिट्टी की पकड़ कमजोर हो गई थी और यह हादसा हो गया।
पत्नी बोली- कहकर गए थे शाम को जल्दी आएंगे, इन्हें कोई उठाओ
– किशनलाल बाजौरिया के अस्पताल में पहुंचने के कुछ देर बाद ही उनकीत्नी विमला और बेटे विजय और राजू पहुंच गए। इन लोगों का कहना था कि उन्हें ठेकेदार ने अब तक कोई सूचना ही नहीं दी है।
– किशनलाल के अस्पताल पहुंचने की सूचना मोहल्ले में रहने वाले इरफान नामक युवक ने दी थी। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर पत्नी विमला का रो-रोकर बुरा हाल था। उनका कहना था कि सुबह वह खाना खाने के बाद कह गए थे कि शाम को जल्दी आ जाएंगे, उसके बाद देव उठान की पूजा करेंगे।
– पत्नी और बेटे बार-बार हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रहे थे। किशन अपनी बेटी वंदना की शादी कर चुके हैं। जबकि दो बेटों के साथ वह रहते थे। बेटे भी अस्पताल में बार-बार कह रहे थे कि हमारे पिताजी को कोई उठा दे तो उनके पैर जीवन भर चाटेंगे।
परिषद ने बनाई जांच समिति, एक माह में मांगी रिपोर्ट
– क्षेत्रीय पार्षद चंदू सेन ने मंगलवार को परिषद की बैठक में बेसमेंट निर्माण के दौरान मिट्टी धंसकने से हुए हादसे की जानकारी दी। साथ ही कार्रवाई की मांग की। महापौर विवेक शेजवलकर ने भी अवैध निर्माण को गंभीर समस्या बताते हुए मामले की जांच कराने की बात कही।
– सभापति राकेश माहौर ने मामले की जांच करने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किए जाने के साथ ही एक माह में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। महापौर ने यह भी कहा कि यदि संबंधित अधिकारी जांच कार्य को प्रभावित करने का काम करते हैं तो कमिश्नर उन्हें अन्यत्र पदस्थ कर सकते हैं।
– दो घंटे रहा ट्रैफिक जाम, डायवर्ट किए वाहन: दीवार गिरने के बाद मजदूरों को निकालने की कोशिश में निगम का अमला लगा तो तमाशबीनों की भीड़ लग गई। पुलिस ने इन्हें हटाने का प्रयास किया। फायर ब्रिगेड के वाहन खड़े होने की वजह से ट्रैफिक जाम हो गया। पुलिस ने शिंदे की छावनी चौराहे पर ट्रैफिक को रोक दिया। शिंदे की छावनी का ट्रैफिक इस दौरान 11 से 2 बजे तक अस्त-व्यस्त रहा।
लगातार हो रही थीं शिकायतें:
– डाॅ. दुबे परिवार द्वारा जिस प्लॉट पर निर्माण किया जा रहा है, उसे लेकर पड़ोसी नरेश गुप्ता ने जिला प्रशासन, पुलिस अौर नगर निगम से लगातार शिकायतें की थीं कि उक्त प्लॉट में सरकारी गली को भी दबा लिया गया है। कलेक्टर ने जांच लश्कर एसडीएम से कराई थी।
– जांच रिपोर्ट में एसडीएम ने यह स्वीकार किया था कि पुरानी रजिस्ट्री के आधार पर गली होने की पुष्टि होती है, जबकि डा. दुबे द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों के आधार पर चतुर्सीमा को यथावत नहीं माना जा सकता। आम रास्ता निर्माण के संबंध में कार्रवाई नगर निगम द्वारा की जानी है।