बोर्ड परीक्षा के बाद अब डिग्री कॉलेज में भी बंद होगी स्वकेंद्र परीक्षा प्रणाली

यूपी बोर्ड के बाद अब डिग्री कॉलेजों में भी स्वकेंद्र परीक्षा प्रणाली समाप्त की जाएगी। उप मुख्यमंत्री और उच्च तथा माध्यमिक शिक्षा मंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने बुधवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में यह घोषणा की।

वे यहां शिक्षक सम्मान समारोह और मिनी कल्चरल फेस्ट के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

डॉ. शर्मा ने कहा कि यूपी बोर्ड में स्वक्रेंद्र परीक्षा प्रणाली को समाप्त कर दिया गया है। विद्यालय प्रबंधकों को निर्देश दिया गया है कि वे परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में उपस्थित न रहें।

इसी तर्ज पर अब डिग्री कॉलेजों में स्वकेंद्र परीक्षा प्रणाली समाप्त की जाएगी। परीक्षा केंद्र के गेट और कमरे में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इससे नकल पर लगाम लगेगी। उन्होंने परीक्षा पैटर्न में भी बदलाव करने की बात कही।

उन्होंने शिक्षकों की ग्रुप इंश्योरेंश राशि साढ़े तीन लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये किए जाने, नौकरी के दौरान मृत्यु होने की दशा में उनके आश्रितों को नौकरी देने और कर्मचारियों के लिए समय से प्रमोशन देने की बात भी कही।

इसके तहत ओएसडी को असिस्टेंट रजिस्ट्रार, असिस्टेंट रजिस्ट्रार को डिप्टी रजिस्ट्रार पद पर प्रोन्नत किया जाएगा। साथ ही रजिस्ट्रार खाली पद भी भर सकेंगे।

डॉ. शर्मा ने कहा कि विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के खाली पदों पर नियमित भर्ती न हो पाने की दशा में कुलपति अवकाशप्राप्त शिक्षकों से पढ़ाई करवा सकते हैं।

कौशल विकास के लिए सर्टिफिकेट कोर्स

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि कौशल विकास के लिए छह महीने के सर्टिफिकेट कोर्स संचालित किए जाएंगे। छात्र डिग्री कोर्स के साथ ही कौशल विकास का कोर्स कर सकेंगे। माध्यमिक स्तर पर उन्होंने 70 फीसदी पाठ्यक्रम एनसीईआरटी का करने की बात कही। बाकी का 30 फीसदी पाठ्यक्रम राज्य की जरूरत के हिसाब से तय किया जाएगा। इससे छात्र राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन कर सकेंगे।