बौखलाए नक्सलियों ने सड़क पर डाल दिए टूटे खंभे और लकड़ियां, बोले कोई नहीं जाएगा इधर से

सुकमा।नक्सलियों ने चिंतागुफा और बुर्कापाल के बीच मार्ग पर पत्थर, लकड़ी और बिजली के खंभे तोड़कर रख दिए थे और मार्ग बंद कर दिया था। सुबह सुरक्षा बल वहां पहुंचे और मार्ग को साफ कराया। हालांकि अभी भी रास्ते पर आवागमन नहीं हो पा रहा है। नक्सलियों ने रास्ते पर आवागमन न करने की चेतावनी दी है। ध्यान देने वाली बात है कि अक्सर नक्सली लोगों में दहशत फैलाने के लिए यात्री बसों में आग लगा देते हैं।

– चिंतागुफा से बुर्कापाल के बीच रविवार से ही आवागमन नहीं हो रहा है। यहां नक्सलियों ने लोगों को चेतावनी दी थी और 26 अप्रैल को बंद का ऐलान किया था। इधर नक्सलियों के बंद के ऐलान से सुरक्षा बल भी मुस्तैद हैं।

– गुरुवार को सुरक्षाबल मौके पर पहुंचे और रास्ते को साफ कराया, लेकिन आवागमन शुरु नहीं हो पाया।

दो लोगों की कर दी हत्या

– नक्सलियों ने मंगलवार की रात मुखबिरी के आरोप में दो अलग-अलग वारदातों में सरपंच और एक अन्य व्यक्ति को मार दिया था। इसमें एक घटना बीजापुर की है, दूसरी दंतेवाड़ा की।

– बीजापुर जिले के कुटरु थाना क्षेत्र में दरबा के सरपंच सोमारुराम मंडावी की नक्सलियों ने हत्या कर दी। कुटरू से दस किमी दूर माटवाड़ा मार्ग स्थित दरबा के सरपंच के घर रात 10 बजे करीब 50 नक्सली पहुंचे। नक्सलियों ने पहले उसे बाहर बुलाया फिर उस पर मुखबिरी का आरोप लगाया और डंडे से बेदम पिटाई की। इसके बाद कुल्हाड़ी मारकर उसकी हत्या कर दी। सरपंच का शव बुधवार सुबह कुटरू लाया गया जहां पोस्टमार्टम के बाद उसके परिजन को सौंप दिया गया।

– इधर, दूसरे मामले में दंतेवाड़ा में कुआकोंडा थाना क्षेत्र के गढ़मिरी गांव में नक्सलियों ने एक अधेड़ का गला रेता और शव सड़क पर ही फेंक दिया। मृतक के दोनों हाथ कपड़े से बंधे थे। नक्सलियों ने पर्चे में मारे गए व्यक्ति का नाम राजू सेक्कू निवासी लातुर बताया गया है। पर्चे में उस पर पुलिस के लिए मुखबिरी करने का आरोप लगाया है। हत्या की जिम्मेदारी कटेकल्याण एरिया कमेटी ने ली है। एसपी कमलोचन कश्यप ने घटनास्थल पहुंचकर गांव वालों से शिनाख्त कराने का प्रयास किया, लेकिन कोई पहचान नहीं सका।

नक्सलियों की बड़ी कोशिश नाकाम

– कांकेर के पखांजुर में नक्सलियों की बड़ी साजिश को सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया। नक्सली बुर्कापाल हमले की तर्ज पर एंबुश लगाकर जवानों को फंसाना चाहते थे। अचानक नक्सलियों से भी ज्यादा तादात में सुरक्षा बल के जवान पहुंच गए और साजिश नाकाम हो गई।

– दरअसल 23 अप्रैल को हमले के बाद से पिछले दो दिन से चल रहे तलाशी अभियान के तहत पुलिस ने महला के जंगल पहाड़ी से मंगलवार को एक के बाद एक कुल 25 बम बरामद किए। इन सभी को मौके पर ही विस्फोट कर नष्ट कर दिया गया।

– नक्सलियों ने इस हमले के लिए काफी दिनों पहले से तैयारी कर रखी थी। बम ऐसी जगहों पर लगाए गए थे जिससे फोर्स को कई ओर से घेरा जा सके।

– नक्सलियों की संख्या 50 के करीब थी, लेकिन फोर्स उन पर भारी पड़ गई। पुलिस ने घटनास्थल से दो एरो बम, एक कंट्री मेड राकेट व कुछ कारतूस बरामद किए हैं।

हमले में घायल हुआ था बीएसएफ जवान

-सोमवार महला कैंप से गश्त पर निकले बीएसएफ जवानों को नक्सलियों ने निशाना बनाते उन पर हमला कर दिया था। इसमें पेट, कंधे व हाथ में गोली लगने से जवान भगवान सिंह घायल हो गया जिसे इलाज के लिए रायपुर में भर्ती कराया गया है।

गढ़चिरौली में मारे जाने के बाद छत्तीसगढ़ में भी बौखलाहट

– रविवार को महाराष्ट्र के गढ़ चिरौली के जंगलों ने 25 से ज्यादा नक्सलियों के मारे जाने के बाद छत्तीसगढ़ में भी बौखलाहट साफ दिख रही है।

– सुरक्षाबलों को यहां अलर्ट कर दिया गया है। अनुमान है कि बौखलाए नक्सली किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में होंगे।