ब्लू व्हेल के मामले में इंदौर, भोपाल पीछे, ग्वालियर, जबलपुर आगे

इंदौर और भोपाल भले ही मध्यप्रदेश के अग्रणी शहर हों लेकिन एक मामले में इन दोनों शहरों को ग्वालियर और जबलपुर ने पीछे छोड़ दिया। हालांकि ये अच्छी बात है कि इंदौर और भोपाल इस मामले में पीछे रहे क्योंकि हम जिस उपलब्धि की बात कर रहे हैं उसे कोई भी हासिल करना नहीं चाहेगा। हम बात कर रहे हैं जानलेवा वीडियो गेम ब्लू व्हेल की। जी हां जब से ये खेल चर्चाओं में आया है तब से इंटरनेट पर इसे सर्च करने वालों की संख्या ग्वालियर और जबलपुर में ज्यादा सामने आई है।

आपको बता दें कि इंटरनेट पर ब्लू व्हेल सहित कई ऐसे गेम मौजूद हैं जो बच्चों के लिहाज से खतरनाक कहे जा सकते हैं क्योंकि इनके अंतिम टास्क खिलाड़ी को आत्महत्या करने के लिए उकसाते हैं। दमोह में एक बच्चे ने रेलवे ट्रेक पर बैठकर आत्महत्या की और ब्लू व्हेल से आत्महत्या का ये प्रदेश का पहला मामला है।

गूगल ट्रेंड्स बताते हैं कि एक अगस्त के बाद मध्यप्रदेश में ब्लू व्हेल गेम सर्च करने वालों की संख्या बढ़ी है। बड़ी बात ये है कि इंदौर, भोपाल की तुलना में इसे सर्च करने वालों की संख्या ग्वालियर, जबलपुर में ज्यादा है.. उज्जैन और सागर जैसे छोटे शहरों में भी इस गेम के लिए लोगों ने गूगल सर्च इंजन का सहारा लिया।

गूगल से मिले आंकड़े बताते हैं कि जहां ग्वालियर में ब्लू व्हेल को सबसे ज्यादा डाउनलोड किया गया वहीं जबलपुर में ब्लू व्हेल शब्द को सबसे अधिक सर्च किया गया। डाउनलोड के मामले में ग्वालियर दूसरे, भोपाल तीसरे और इंदौर चौथे स्थान पर है।

दरअसल इस गेम के टास्क में खिलाड़ी कई दौर से गुजरते हैं और उन्हें हर बार नया टास्क और उसे पूरा करने का प्रुफ देना होता है.. ऐसे में अगले लेवल पर जाने के लिए हर टास्क पूरा करना उसके लिए जरूरी हो जाता है। अंतिम चरणों में गेम में खिलाड़ी को आत्मघाती टास्क से गुजरना होता जिसके तहत वो आत्महत्या करने पर मजबूर हो जाता है।

प्रतिबंध और गाइडलाइन

केंद्र सरकार इस गेम पर प्रतिबंध लगा चुका है। प्ले स्टोर से इसे हटाया जा चुका है। साथ ही कुछ ऐसे कदम भी उठाए गए हैं जिनसे बच्चे इस गेम तक नहीं पहुंच सके।

इसके अलावा बड़े स्कूल बोर्ड भी कई तरह की एडवायजरी और गाइडलाइन जारी कर चुके हैं बावजूद इसके बच्चे इस गेम में रूचि दिखा रहे हैं। चाइल्ड लाइन भी बच्चों, अभिभावकों और स्कूलों में जाकर अभियान चला चुका है। पर स्थिति काबू में नहीं आ रही।

दरअसल ब्लू व्हेल गेम के बारे में लोगों को ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन हालिया घटनाओं के बाद अचानक लोगों में इस गेम को लेकर उत्सुकता और रूचि बढ़ी। खासतौर से जो बच्चे इंटरनेट एक्सेस करते हैं वो सिर्फ ब्लू व्हेल के बारे में ही जानना चाह रहे हैं।

ऐसे में मामलों में अभिभावकों की जिम्मेदारी बढ़ गई है कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों और उसके व्यवहार पर नजर रखे। साथ ही बच्चों के अचानक बदले व्यवहार को गंभीरता से लेते हुए कदम उठाए।