भाजपाइयों ने भूपेश के घर फेंके जूते-चप्पल तो सीएम हाउस जा रहे कांग्रेसी गिरफ्तार

रायपुर। मंत्री राजेश मूणत की कथित सीडी को लेकर राजधानी में तीसरे दिन, रविवार को भी माहौल गरमाया रहा। भाजपा के कार्यकर्ताओं ने फर्जी सीडी जारी करने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर रविवार को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के बंगले पर धावा बोला और भीतर चप्पलें और गोबर भी फेंका।
– प्रदेशभर में बघेल के पुतले भी जलाए गए। उधर, मंत्री के इस्तीफे और सीडी मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए कांग्रेसियों ने गांधी मैदान में सभा की, फिर सीएम हाउस घेरने की कोशिश की गई। शांतिनगर से भाजपाइयों और ओसीएम चौक के पास कांग्रेसियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में सभी रिहा कर दिए गए।
– रविवार दोपहर भाजयुमो कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर भूपेश बघेल के बंगले पर गुस्सा उतारा। रैली के रूप में निकले भाजयुमो कार्यकर्ता शांतिनगर स्थित पीसीसी अध्यक्ष के निवास पर पहुंचे और जोरदार नारेबाजी की।

– सुरक्षा के नजरिये से पुलिस ने बंगले को घेर रखा था। पुलिस पर भारी पड़े प्रदर्शनकारी घेरा तोड़कर कांग्रेस अध्यक्ष बंगले के गेट तक पहुंच गए। इसी दौरान कुछ कायकर्ताओं ने बंगले के भीतर चप्पलें और गोबर फेंकना शुरू किया। इसके बाद पुलिस ने सख्ती करते हुए उन्हें खदेड़ना शुरू किया। यही नहीं, सौ से ज्यादा कायकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया। शाम को उन्हें रिहा किया गया।
रैलियां-धरने की वजह से शहर में सुरक्षा कड़ी, कई रास्ते भी बंद
राजधानी में जगह-जगह धरना-प्रदर्शन और पुतले दहन को देखते हुए रविवार को शहर की कई सड़कें बंद कर दी गईं। मुख्यमंत्री निवास, भाजपा और कांग्रेस दफ्तर तथा मंत्री के निवास पर काफी फोर्स लगा दी गई। सीडी मामले में गिरफ्तार विनोद वर्मा की सुरक्षा के लिए कोर्ट में भी कड़ा पहरा लगाया गया। सिविल लाइंस और आसपास के अधिकांश रास्ते बंद कर दिए गए। जीई रोड तथा जयस्तंभ चौक पर भी पुलिस ने दिनभर सख्त चेकिंग की।
सभा-घेराव से प्रमुख कांग्रेसी नेता नदारद, भूपेश के साथ सत्यनारायण ही दिखे
– सीडी कांड की जांच और मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस ने रविवार को गांधी मैदान में सभा की। इसमें भूपेश बघेल और सत्यनारायण शर्मा को छोड़कर कोई प्रमुख नेता नजर नहीं आया। सभा को संबोधित करते हुए भूपेश ने कहा कि सीडी महीनेभर से वाट्सएप में चल रही थी और उनके पास भी थी।
– एक सीडी विनोद वर्मा के पास भी थी, इसी आधार पर केस दर्ज किया गया। जांच किए बिना यह सीडी फर्जी कैसे हो गई? उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने तक मंत्री को हटाना चाहिए। सभा के बाद भूपेश कार्यकर्ताओं के साथ रैली के साथ सीएम हाउस घेरने निकले। जैसे ही भीड़ ओसीएम चौक पहुंची वहां तैनात पुलिस ने रोक लिया। इससे बिफरे कार्यकर्ताओं ने वहीं स्याही फेंकनी शुरू कर दी। कुछ कार्यकर्ताओं की पुलिस से झूमाझटकी के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में इन्हें भी रिहा किया गया।
झूठे केस में फंसाने का विरोध, वर्मा की याचिका
अदालत में वर्मा के वकीलों ने याचिका लगाई कि उनके मुवक्किल को पुलिस ने झूठे मामले में फंसाया है। सीडी गाजियाबाद के घर से बरामद नहीं की गई थी। वर्मा को विशेष सुरक्षा देने की भी मांग की गई।
कांग्रेस से ऐसी हल्की राजनीति की उम्मीद नहीं थी : रमन
मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि सत्ता की चाह में कांग्रेस के नेता ऐसी हल्की राजनीति करेंगी, इसकी उम्मीद नहीं थी। ऐसे नेताओं को छत्तीसगढ़ में राजनीति करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि सीडी मामला रायपुर से दिल्ली तक फैला हुआ है। इसके समाधान के लिए ही हमने सीबीआई जांच का फैसला किया है।
तस्वीरें बोल रहीं… नारों में अब दम नहीं रहा
– सीडी कांड के चलते प्रदेश की राजनीति में जहां उफान आया हुआ है। वहीं नेताओं की तल्खी भी काफी बढ़ गई है। विरोध प्रदर्शन में झंडे -बैनर लेकर चलने वाले नेताओं के हाथों में ऐसी चीजें आ गई हैं जो दूसरों को नागवार गुजरे। रविवार को दो तस्वीरों में इसका नमूना देखने को मिला।
– भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल के घर पर जूते-चप्पलों की बारिश कर दी। वे गोबर भी लेकर पहुंचे थे। कांग्रेसियों ने तो बाकायदा काली स्याही पेन या दवात में नहीं, बल्कि बड़ी गंजियों में भरकर अलग ही तैयारी की।
– सीएम हाउस का घेराव करने के लिए कांग्रेस सभास्थल पर मंच के बगल में मजदूर महिलाओं को लेकर प्लास्टिक की थैलियां तैयार करवा रही थी। इसे सीएम हाउस में फेंकने की योजना थी। यह अलग बात है कि रास्ते में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।