भाजपा के दो और विधायकों से मांगी गई रंगदारी, मामले के खुलासे के लिए डीजीपी ने बनाई SIT

बीजेपी विधायकों और नेताओं को धमकी मिलने का सिलसिला जारी है। बुधवार को दो और विधायकों को अंतरराष्ट्रीय नंबर से धमकी भरे मैसेज मिले। बाराबंकी के फतेहपुर कुर्सी विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा और कुशीनगर के विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी को व्हाट्सएप पर मैसेज कर रंगदारी मांगी गई है, और न देने पर जान से मारने की धमकी भी मिली है। दोनों ही विधायकों की शिकायत पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। वहीं, डीजपी ने सभी मामलों का खुलासा करने के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित कर दी है।

कुर्सी विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा को बुधवार को व्हाट्सएप पर अंतरराष्ट्रीय नंबर से मैसेज आया। उसके जरिए कॉलर ने दस लाख रुपये रंगदारी मांगी और न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी है। शिकायत लेकर विधायक एसपी वीपी श्रीवास्तव के पास पहुंचे। मैसेज देखने के बाद एसपी के निर्देश पर फतेहपुर कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

एसपी ने बताया कि विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि विधायक के सीतापुर में महमूदाबाद स्थित आवास पर भी सुरक्षा बढ़ाने के लिए वहां के एसपी को पत्र लिखा गया है। इस मामले में कार्रवाई के लिए एसटीएप की मदद ली जा रही है।

उधर, कुशीनगर के विधायक रजनीकांत मणि त्रिपाठी को भी अंतरराष्ट्रीय नंबर से धमकी भरे मैसेज मिले हैं। उन्होंने भी पुलिस से शिकायत की है। इस मामले में सीओ अभय मिश्रा ने कहा कि केस दर्ज कर जांच की जा रही है, जल्द ही मामले का खुलासा होगा।

मालूम हो कि मंगलवार को भाजपा के छह विधायकों समेत आठ नेताओं को एक ही नंबर से व्हाट्सएप मैसेज कर 10-10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। तीन दिन में रंगदारी न देने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई है। सभी नेताओं से रंगदारी मांगने में एक जैसी भाषा का इस्तेमाल किया गया है। वहीं, डिबाई की विधायक अनीता लोधी को मंगलवार को फिर ऐसी ही धमकी मिली।

तीन सदस्यीय एसआईटी करेगी जांच
भाजपा विधायकों को धमकी और रंगदारी मिलने के मामले में यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने बुधवार को तीन सदस्यीय एसआईटी गठित कर दी है। आईजी एसटीफ अमिताभ यश को टीम हेड बनाया गया है। उनके साथ टीम में एटीएस के एसएसपी जोगेंद्र और एसटीएफ के असपी त्रिवेणी सिंह हैं। ये टीम जिलों के पुलिस अधीक्षकों को मामले के संबंध में दिशा-निर्देश देंगे।