भारत का राष्ट्रपति 70 से ज्यादा उम्र का हो सकता है तो बीसीसीआई में क्यों नहीं: शाह

नई दिल्लीः बीसीसीआई से ‘अयोग्य’ घोषित किये गये अनुभवी निरंजन शाह का कहना है कि अगर भारत का राष्ट्रपति 70 साल से ज्यादा उम्र का हो सकता है तो बोर्ड के प्रशासक इससे ज्यादा उम्र में काम क्यों नहीं कर सकते. शाह को लोढा सिफारिशों का शोध करने के लिये बनाये गये पैनल में विवादास्पद रूप से शामिल किया गया. वह इसमें सात सदस्यों के साथ ‘विशेष’ रूप से आमंत्रित किये गये और समिति के अन्य सदस्यों की मदद के लिये अपने ‘सुझाव’ मुहैया करायेंगे. 

 

शाह ने कहा, “बीसीसीआई अधिकारियों की उम्र सीमा पर चल रहे विवाद को मैं समझ नहीं पा रहा. अगर हमारे राष्ट्रपति (प्रणव मुखर्जी, जो 81 वर्ष के हैं) 70 साल से ज्यादा की उम्र के बाद भी काम कर सकते हैं तो बीसीसीआई अधिकारी इस उम्र के बाद काम क्यों नहीं कर सकते. “उन्होंने गुरुवार को मीडिया से कहा, “जब तक आप फिट हो तो आप तब तक काम कर सकते हो, जब तक आप जीवित हो. मैं इसे उम्र संबंधित भेदभाव कहूंगा (जिसका प्रस्ताव लोढा पैनल ने दिया है)”उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि पैनल में मेरा अनुभव काम आयेगा क्योंकि बीसीसीआई की विशेष आम बैठक के दौरान हमने इन सिफारिशों पर लंबी चर्चा की थी. हालांकि सभी सदस्यों का अपना पक्ष होगा

शाह राजीव शुक्ला की अगुवाई वाले विशेष पैनल में शामिल हैं, हालांकि लोढा सिफारिशें उन्हें राज्य या बीसीसीआई प्रशासक के तौर पर सभी पहलुओं से अयोग्य मानती हैं. पैनल की पहली बैठक शनिवार को होगी.