भीषण गर्मी से तप रहा पूरा प्रदेश, भोपाल सहित कई जिलों में बारिश की चेतावनी, जल्दी आ सकता है मानसून

इंदौर.मौसम विभाग ने सोमवार को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, मप्र के कुछ इलाकों में आंधी-तूफान के साथ बारिश की चेतावनी दी है। समूचा मप्र 6 दिन से भीषण गर्मी से तप रहा है। उज्जैन-इंदौर संभाग में सोमवार सुबह से ही गर्म हवा के थपेड़े लोगों को छांव खोजने को मजबूर कर रहे हैं। वहीं उमरिया, रीवा, सतना, भिंड समेत कुछ जिलों रविवार को हुई हल्की बारिश से लोगों को थोड़ी राहत दी। सतना अौर भिंड में तो कई जगह पर ओले भी गिरे। मौसम वैज्ञानिकों की माने तो सोमवार को भोपाल, गुना, राजगढ़, अशोकनगर, रायसेन, विदिशा सहित कई शहरों तेज हवा और बारिश हो सकती है।

इंदौर में सुबह से ही गर्म हवा ने किया परेशान

– लगातार दो दिनों तक 42 से ऊपर बने अधिकतम तापमान में रविवार को 1.4 डिग्री की गिरावट आई। वहीं रात के तापमान में भी 1.8 डिग्री की गिरावट आई। हालांकि सोमवार सुबह से ही गर्म हवा के थपेड़े के चलते तापमान 38 के पार पहुंच चुका है। भट्टी की तरह तप रहे शहर को अभी राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। रविवार को अधिकतम तापमान 41 डिग्री रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री रहा। शनिवार को दिन-रात का तापमान क्रमशः 42.4 और 27. 3 डिग्री सेल्सियस रहा था जो इस सीजन का सबसे ज्यादा था। आर्द्रता सुबह 43 और शाम को 18 प्रतिशत रही। दिनभर पश्चिमी दिशा से हवा चली जिसकी औसत रफ्तार 10 किमी प्रतिघंटा रही। दिन में इसकी सर्वाधिक रफ्तार 18 किमी तक पहुंची जिससे तापमान में गिरावट आई। पिछले दिनों 38 से 40 किमी की रफ्तार से रेगिस्तानी क्षेत्रों से हवा चली थी जिसके गर्म होने से यहां का तापमान बढ़ था।

आगे क्या- मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में सिस्टम एक्टिव हो गया है, जिसकी वजह से सोमवार को बादल छा सकते हैं। हालांकि इसके बावजूद तापमान में ज्यादा गिरावट नहीं आएगी।

इसलिए बने बारिश के आसार

– मौसम एक्सपर्ट एसके नायक ने बताया कि हरियाणा से लेकर उत्तर मध्य महाराष्ट्र तक एक नार्थ-साउथ ट्रफ लाइन बनी है। यह भोपाल सहित मप्र के पश्चिमी हिस्से से होकर गुजर रही है। हरियाणा से लेकर नागालैंड तक एक आैर ईस्ट- वेस्ट ट्रफ लाइन बनी है। इनकी वजह से बारिश, गरज-चमक के साथ तेज हवा, ओलावृष्टि एवं बारिश के आसार हैं।

पश्चिमी हिस्सों में मौसम ने मचाई तबाही

– रविवार को मौसम ने देश के उत्तर से लेकर दक्षिणी और पूर्व से लेकर पश्चिमी हिस्सों में तबाही मचाई। 24 घंटे के दौरान आंधी, तूफान और बारिश की वजह से हुए हादसों में छह राज्यों में 50 लोग मारे गए। 50 से ज्यादा लाेग जख्मी हुए। सबसे ज्यादा 18 मौतें उत्तरप्रदेश में हुईं। दिल्ली में 109 किलोमीटर की रफ्तार से आंधी चली। मौसम विभाग ने 50 किलोमीटर प्रति घंटे से चलने की बात कही थी। कई जगह पेड़ और खंभे गिरने से काफी नुकसान हुआ। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, नरेन्द्र मोदी और राहुल गांधी ने मारे गये लोगों के प्रति शोक व्यक्त किया।

13 जून तक मानसून प्रदेश में दे सकता है दस्तक
– भीषण गर्मी के बीच यह राहतभरी खबर है कि मानसून तय समय 1 जून से एक हफ्ते पहले यानी 25 मई के आसपास केरल पहुंच सकता है। मौसम केंद्र के न्यूमेरिकल वेदर प्रिडिक्शन के ऑपरेशनल एक्सटेंडेड रेंज फोरकास्ट में यह अनुमान जाहिर किया गया है।

– मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि भोपाल में मानसून 13 जून या उसके आसपास आ सकता है। उन्होंने बताया कि चार हफ्ते के लिए जारी इस फोरकास्ट में कहा गया है कि दूसरे हफ्ते में बंगाल की खाड़ी में दक्षिण-पश्चिमी मानसून सक्रिय रह सकता है। 15 मई के पास अंडमान निकोबार आ सकता है। तीसरे और चौथे हफ्ते में अरब सागर में मानसून में होने वाले सर्कुलेशन देखे जाने के आसार हैं।

– अनुमान में यह भी कहा गया है कि दक्षिण पूर्वी अरब सागर और उससे सटे केरल के क्षेत्र में यह एक्टिव रह सकता है। फोरकास्ट के अंत में यह निष्कर्ष है कि अंडमान रीजन और सदर्न टीप आफ इंडिया यानी केरल क्षेत्र में मानसून जल्दी आने का अनुमान है। शुक्ला ने बताया कि अरब सागर में सिस्टम बन रहा है। संकेत मिल रहे हैं कि हवा का रुख दक्षिण पश्चिमी होता जा रहा है।

14 जून को रहेगा सबसे बड़ा दिन
मौसम एक्सपर्ट एसके नायक ने बताया कि 14 जून को दिन सबसे बड़ा 13 घंटे 46 मिनट का रहेगा। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक एके शुक्ला ने बताया कि पश्चिम से आ रही गर्म हवा और सोलर रेडिएशन होने से दिन की अवधि और तपिश सबसे ज्यादा रही।

गर्मी में रखें अपना ख्याल
– गर्मी में सबसे ज्यादा समस्या डी-हाइड्रेशन की होती है, इसलिए खुद पर ज्यादार ध्यान देना चाहिए। इस मौसम में बहुत जल्द बच्चे व बुजूर्ग की तबीयत खराब होती है। ऐसे में जितना संभव हो कोशिश करें की धूप में कम निकलें।
– यदि बाहर निकलना पड़े तो चेहरे के साथ ही सिर को ढंककर निकलें। पसीना आने पर सिर पर पानी ना डालें।
– ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। हल्का भोजन करें और तरल पदार्थ का का ज्यादा सेवन करें। मठा और दही का उपयोग करें।