मंत्री पवैया का बंगला घेरा, 87 कांग्रेसी गिरफ्तार, हजीरा पर लाठीचार्ज

सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया का गुना जिले के मुंगावली शासकीय कॉलेज में हुए कार्यक्रम के बाद राजनीति गरमा गई है। सिंधिया के कार्यक्रम को लेकर सरकार द्वारा प्राचार्य डॉ. बीएल अहिरवार के निलंबन के बाद गुरुवार को ग्वालियर में बवाल मच गया। कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के नेतृत्व में सुबह उच्च शिक्षा मंत्री जयभान सिंह पवैया के डीआरडीई के नजदीक स्थित बंगले पर कांग्रेसियों ने धरना दिया। विवाद बढ़ने पर पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने 87 लोगों पर धारा 188, 147, 341 तथा 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर पुलिस लाइन में हिरासत में रखा है। उन्हें शुक्रवार की सुबह न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध शुरू हो गया और देर शाम हजीरा चौराहा पर मंत्री का पुतला दहन पर पुलिस ने कांग्रेसियों पर लाठीचार्ज किया। कांग्रेस अब इस मुद्दे पर प्रदेश भर में आंदोलन की तैयारी में जुट गई है।

8 लोगों पर मामला दर्ज करना चाह रही थी पुलिस

कांग्रेस अजा विभाग के प्रदेश संयोजक पुरुषोत्तम बनोरिया के नेतृत्व में अनुसूचित जाति, जनजाति वर्ग के दो दर्जन कार्यकर्ता मंत्री पवैया के बंगले पहुंचे। मंत्री भोपाल में थे। यह जानकारी लगते ही कांग्रेसियों ने नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने श्री बनोरिया को आगे बढ़ने से रोका तो झूमाझटकी हो गई। बाद में वे गेट के सामने धरना देकर बैठ गए। सूचना मिलते ही पुलिस पहुंच गई और धरना समाप्त करने को कहा। जब वे नहीं माने तो पुलिस ने 8 कार्यकर्ता पुरुषोत्तम बनोरिया, अर्जुन जाटव, सुधीर मंडेलिया, राकेश जाटव, चतुर्भुज धनोलिया, महादेव सिंह, धर्मेन्द्र और अशोक तरेटिया को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए।

कांग्रेसियों के पहुंचते ही करना पड़ा बल प्रयोग

आंदोलन की सूचना वरिष्ठ कांग्रेसियों को नहीं थी इसलिए गिरफ्तारी की खबर लगते ही सुनील शर्मा, लतीफ खां, प्रेम सिंह कुशवाह, मुन्नाालाल गोयल, कमलेश कौरव, रामवरन गुर्जर, प्रभुदयाल जौहरे, मितेन्द्र सिंह, कुलदीप कौरव सहित दो दर्जन कांग्रेसी वहां पहुंच गए। पुलिस का उनसे विवाद हो गया। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार करने की कोशिश की तो झूमाझटकी हो गई। पुलिस उन्हें जबरन गिरफ्तार कर पुलिस लाइन ले गई।

सैकड़ों कांग्रेसी जुटे

बिना सेनापति के हवाले शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने आंदोलन की सूचना वरिष्ठ पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को नहीं दी। इसलिए संख्या काफी कम रही। खबर लगने पर भी वरिष्ठ कांग्रेसियों को पुलिस लाइन पहुंचना शुरू हो गया। जब गिरफ्तारी की बात आई तो कई कांग्रेसी पतली गली से निकल गए। पुलिस केवल 8 लोगों पर धारा ही 188, 147, 341 तथा 34 आईपीसी के तहत कार्रवाई की बात कह रही थी लेकिन कांग्रेसी इससे सहमत नहीं थे। आखिर देर शाम को पुलिस ने 87 कांग्रेसियों पर उपरोक्त धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

अन्य कांग्रेसी भी गिरफ्तारी देना चाह रहे थे लेकिन पुलिस ने उनके नाम जोड़ने से मना कर दिया। यह कार्रवाई शाम 7 बजे हो सकी इसलिए उन्हें न्यायालय में पेश नहीं किया जा सका। विवि थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि कांग्रेसियों को शुक्रवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। गिरफ्तार 87 कांग्रेसियों को पुलिस लाइन स्थित सामुदायिक भवन में हिरासत में रखा गया है। गिरफ्तारी देने वालों में किशन मुदगल, रश्मि शर्मा, काशीराम देहलवार, महादेव अपौरिया, सुनील श्रीवास, प्रमोद पांडे, देवेन्द्र पाठक, शरद साहू आदि शामिल थे।

हजीरा पर जलाया पुतला

गिरफ्तारी देने के बजाय कुछ कांग्रेसी देर शाम उच्च शिक्षा मंत्री का पुतला जलाने हजीरा चौराहा पहुंच गए। खबर लगते ही पुलिस बल जुट गया। पुतला जलाने पर विवाद हुआ तो पुलिस को हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। इसमें तीन कांग्रेसियों को हल्की चोटें आईं। उन्होंने पुलिस पर कार्रवाई के लिए आवेदन दिया है। इस अवसर पर ब्लॉक अध्यक्ष रमेश कुशवाह, रामावतार वैश, पंजाब यादव आदि शामिल थे।

भाजपा ने कहा, जातिवाद का रंग दे रही कांग्रेस

कांग्रेस के इस आंदोलन पर भाजपा भी सक्रिय हो गई है। शाम को पार्टी के संभागीय कार्यालय संभागीय संगठन मंत्री शैलेन्द्र बरूआ के निर्देशन में बैठक हुई। इसमें भाजपा जिलाध्यक्ष देवेश शर्मा, कमल माखीजानी, समीक्षा गुप्ता, महेश उमरैया, विवेक जोशी, शरद गौतम शामिल हुए। उन्होंने कहा कि प्राचार्य के विरुद्ध की गई सरकारी कार्रवाई को कांग्रेसी राजनीतिक रंग दे रहे हैं। बैठक के बाद जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया के इशारे पर कांग्रेसी माहौल खराब कर रहे हैं।