मंदसौर हिंसा की आग कई जिलों तक फैली, पीड़ित किसान परिवारों से मिलने रवाना हुए राहुल गांधी

मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले 5 किसानों की मौत के बाद से ही हिंसा और तनाव की चपेट में है. राज्य में गुस्साएं प्रदर्शनकारियों ने मंदसौर, देवास, नीमच, धार और इंदौर सहित कई हिस्सों में लूटपाट, आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव किया. इस बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी पुलिस गोलीबारी में मारे गए किसानों के परिवारों से मिलने मंदसौर के लिए रवाना हो चुके हैं.
इससे पहले खबर आई थी कि कांग्रेस उपाध्यक्ष बुधवार को ही पीड़ित परिवारों से मिलने मंदसौर जाने वाले थे, लेकिन प्रशासन ने उनके हेलीकॉप्टर को लैंडिंग की इजाजत देने से इनकार कर दिया था. हालांकि राहुल को अब भी प्रशासन की तरफ से लैंडिंग की इजाजत नहीं मिली है. ऐसे में राहुल उदयपुर के रास्ते मध्य प्रदेश में प्रवेश करेंगे. प्राप्त जानकारी के मुताबिक, राहुल गांधी गुरुवार सुबह 9 बजे के करीब फायरिंग में मारे गए किसानों के घरवालों से मिलेंगे. इस दौरान उनके साथ कांग्रेस सांसद कमलनाथ और मोहन प्रकाश के अलावा जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव भी होंगे.
राहुल गांधी की इस यात्रा को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है. एक तरफ बीजेपी राहुल को ‘ट्रैजेडी ट्रैव्लर’ करार देते हुए कांग्रेस पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया, वहीं कांग्रेस ने 2014 के लोकसभा चुनावों के दौरान बीजेपी के वादों की याद दिलाते हुए आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार को किसानों की चिंता ही नहीं.
ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, ‘मध्य प्रदेश के किसान शांतिप्रिय हैं. वे किसी तरह की हिंसक गतिविधि में शामिल नहीं होते. पूरी घटना के पीछे साजिश है.’ उन्होंने कहा, ‘इस घटना के पीछे वे लोग हैं, जो राज्य में शांति और समृद्धि नहीं चाहते हैं और यह नहीं देख सकते कि राज्य की बीजेपी सरकार सुचार रूप से काम कर रही है.’
बता दें कि मंदसौर में गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने जगह-जगह तोड़फोड़ की, कई गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया और पुलिस पर पथराव भी कर दिया. किसानों पर पुलिस फायरिंग को लेकर प्रदर्शनकारी इतने गुस्से में थे कि उन्होंने जिले के कलेक्टर स्वतंत्र सिंह के साथ भी धक्कामुक्की की और उनके कपड़े तक फाड़ दिए.
हालांकि जिले में तनाव को देखते हुए प्रशासन ने आसपास के चार जिले में किसी भी विमान के लैंड करने की मनाही कर रखी है, वहीं इंटरनेट सेवाएं भी पूरी तरह से बैन कर दी गई है. इसके साथ ही इलाके में शांति-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य सरकार के आग्रह पर वहां सीआरपीएफ की पांच बटालियन तैनात किया गया है.
इस बीच मध्य प्रदेश के आई जी कानून-व्यवस्था ने मान लिया है कि मंदसौर में किसान आंदोलन के समय हालात बेकाबू होता देख पुलिस ने फायरिंग की थी. लॉ एंड ऑर्डर विभाग के आईजी मकरंद देवसकर ने बुधवार शाम मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “जांच के दौर यह स्पष्ट हुआ कि वहां पुलिस ने फायरिंग की थी. लेकिन जिन परिस्थितियों में फायरिंग की गई, उसे बता पाना मुश्किल है.’
बता दें कि अपनी फसलों के लिए सही दाम सहित 20 सूत्री मांगों को लेकर राज्य में पिछले 1 जून से किसान आंदोलन कर रहे थे. इसी दौरान मंदसौर में विरोध प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और यहां हुई गोलीबारी में 5 किसानों की मौत हो गई.
इस बीच सीएम शिवराज सिंह चौहान ने मंदसौर हिंसा में मारे गए किसानों के परिजनों के लिए एक-एक करोड़ रुपये मुआवजे और गंभीर रूप से घायलों को पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने का ऐलान किया है. इसके अलावा मृतक किसानों के परिवार में से एक सदस्य को नौकरी भी दिए जाने की घोषणा की है.
इससे पहले मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे की राशि 10 लाख रखी थी, लेकिन राज्य में बढ़ते विवाद और किसानों के गुस्से को देखते हुए उन्होंने इसे बढ़ाने का ऐलान किया. हालांकि इससे भी किसानों का गुस्सा शांत नहीं हुआ और बुधवार को कांग्रेस व किसान यूनियनों द्वारा सामूहिक रूप से बुलाई गए राज्यव्यापी बंद के दौरान गुस्साएं प्रदर्शनकारियों ने मंदसौर, देवास, नीमच खरगौन, धार, इंदौर, सीहोर और उज्जैन सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लूटपाट, आगजनी, तोड़फोड़ एवं पथराव किया.

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