मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस : अब तक फरार हैं इंदौर के रामजी और संदीप

इंदौर। स्वामी असीमानंद सहित मक्का मस्जिद ब्लास्ट के पांच आरोपियों को स्पेशल एनआईए कोर्ट ने सोमवार को बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि एनआईए एक भी आरोप साबित नहीं कर पाई। फैसला सुनाने के कुछ घंटे के बाद ही एनआईए के स्पेशल जज रवींद्र रेड्डी ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने इस्तीफे के पीछे निजी वजह बताई है, लेकिन इसकी टाइमिंग पर विवाद शुरू हो गया। उधर बरी किए गए 5 में से चार आरोपी इंदौर के हैं। इनमें से दो का विस्फोट के बाद से ही अब तक कुछ पता नहीं चला है जबिकि एक की मौत हो चुकी है।

क्या है मामला
चार सदी पुरानी मक्का मस्जिद में 18 मई 2007 को जुमे की नमाज के वक्त रिमोट कंट्रोल से हुए ब्लास्ट में नौ लोग मारे गए थे। विरोध में हुए हिंसक प्रदर्शनों को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस की गोली से पांच और लोग मारे गए थे। ब्लास्ट की शुरुआती जांच हैदराबाद पुलिस ने की थी। उसके बाद सीबीआई को जांच सौंप दी गई थी। 2011 में एनआईए ने यह केस संभाला। इस केस में सीबीआई ने एक चार्जशीट दाखिल की थी, जबकि एनआईए ने दो सप्लीमेंटरी चार्जशीट दाखिल की थीं। पांचाें आरोपियों के बरी होने पर एनआईए ने कहा कि फैसले की कॉपी मिलने के बाद अगले कदम पर फैसला लिया जाएगा।

10 आरोपी में पांच बरी, एक की हत्या, दो अब तक फरार
मक्का मस्जिद ब्लास्ट केस में 10 आरोपी थे। मुकदमा सिर्फ पांच पर चला। मुकदमे के बाद वनवासी कल्याण आश्रम के प्रमुख स्वामी असीमानंद, बिहार के आरएसएस प्रचारक देवेंद्र गुप्ता, मध्यप्रदेश के आरएसएस कार्यकर्ता लाेकेश शर्मा के अलावा भरत मोहनलाल रातेश्वर उर्फ भरत भाई और राजेंद्र चौधरी को बरी कर दिया गया। एक आरोपी सुनील जोशी की हत्या कर दी गई। दो आरोपी संदीप वी डांगे और रामचंद्र कलसांगरा अभी फरार हैं। दाे आरोपियों के खिलाफ अभी जांच जारी है।

ब्लास्ट में इंदौर के चार लोगों को बनाया था आरोपी, एक बरी
ब्लास्ट में 10 आरोपियों में से 4 आरोपी इंदौर के थे। इनमें से कोर्ट ने महू में रहने वाले आरएसएस कार्यकर्ता लोकेश शर्मा को बरी कर दिया। जबिक महू के ही सुनील जोशी की हत्या हो चुकी है। इसके अलावा इंदौर निवासी संदीप डांगे और रामजी कलसांगरा ब्लास्ट के बाद से ही फरार हैं।

जानें चारों के बारे में…

लोकेश शर्मा (बरी): इंदौर के पास महू के निवासी लोकेश शर्मा फिलहाल समझौता ब्लास्ट के मामले में अंबाला जेल में बंद है। आरएसएस से जुड़े लोकेश को हैदराबाद ब्लास्ट मामले में बरी कर दिया गया है।

रामजी कालसांगरा (फरार) : हैदराबाद ब्लास्ट के बरी आरोपियों में इंदौर के बंगाली चौराहा में रहने वाले रामजी कालसांगरा को मालेगांव बम ब्लास्ट में भी आरोपी बनाया गया था। इसके अलावा समझौता एक्सप्रेस धमाके में भी रामजी का हाथ होने का आरोप है । हालांकि मालेगांव ब्लास्ट के बाद से ही रामजी फरार है। एनआईए, एटीएस सहित अन्य जांच एजेंसियां अब तक रामजी को तलाश नहीं सकी है।

संदीप डांगे (फरार) : पेशे से इंजीनियर संदीप डांगे इंदौर के लोकमान्य नगर में रहता था। संदीप पर 10 लाख रुपए का इनाम घोषित है। हैदराबाद की मक्का मस्जिद ब्लास्ट के साथ ही संदीप का नाम समझौता ब्लास्ट में भी आया था। एटीएय अौर एनआईए संदीप को इन धमाकों का मास्टर माइंड बताती रही है हालांकि अब तक संदीप इनकी गिरफ्त से बाहर है।

सुनील जोशी (मृत): देवास के रहने वाले सुनील जोशी उर्फ गुरुजी उर्फ मनोज संघ से जुड़ा हुआ था। 29 दिसंबर 2007 को बालगढ़ के चूनाखदान क्षेत्र में उसकी किसी ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। एक साल जांच के बाद प्रकरण में वर्ष 2008 में खात्मा काट दिया गया था। मस्जिद ब्लास्ट सहित देश के कई हिस्सों में हुए बम धमाकों में सुनील जोशी का नाम आने और राष्ट्रीय जांच एजेंसियों के देवास में सक्रिय होने के बाद अचानक जून 2010 में औद्योगिक थाना पुलिस ने फिर से इस मामले की जांच शुरू की थी। सुनील जोशी हत्याकांड में पुलिस ने साध्वी प्रज्ञा सहित अन्य को गिरफ्त में लिया था।