मथुरा मामले में चौंकाने वाला खुलासा, SP मुकुल की मौत गोलियों से नहीं हुई थी

मथुरा : उतर प्रदेश के मथुरा में हुई घटना में शहीद हुए सिटी एसपी मुकुल द्विवेदी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत के लिए अलग ही कारणों को दोषी बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक मुकुल की मौत गोली लगने के कारण नहीं बल्कि भीड़ द्वारा लाठी-डंडो से पीटे जाने के कारण हुई थी। रिपोर्ट में बताया गया है कि एसपी मुकुल की सिर की कई हड्डियां टूटी हुई है। उनके शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटों के निशान है।

दूसरी ओर एसओ फरह को लगी गोली एके-47 से चलाई गई थी। विवेक मिश्रा ने एस पी और एस ओ के हुए पोस्टमॉर्टम के बारे में जानकारी देते हुए बताया की इन दोनों पुलिस अधिकारियों का पोस्टमॉर्टम 4 डॉक्टरों के पैनल द्वारा किया गया। जिसमें एस ओ संतोष यादव की मौत की वजह हाई वेलोसिटी गोली लगने के कारण हुई तो वहीं एस पी की मौत सर में फ्रैक्चर होने के कारण ब्रेन हेमरेज होने से हुई। इसमें एसपी मुकुल द्विवेदी और एसओ संतोष कुमार यादव की मौत हो गई है। साथ ही 12 पुलिस वाले घायल हो गए है।

सीएम अखिलेश यादव ने घटना की जांच के आदेश दिए है। इस मामले में अब तक 370 से अधिक गिरफ्तारियां हो चुकी है। उपद्रवी अजीबोगरीब मांगे कर रहे थे। उनकी मांग है कि पेट्रोल 1 रु प्रति लीटर हो, सोने के सिक्के चलाए जाएं, आजाद हिंद फौज के कानून को माना जाएं, आजाद हिंद बैंक करेंसी से लेन-देन की जाए, पूरे देश में मांसाहार पर बैन लगाया जाए। मांसाहार करने वालों को सजा दी जाए।

उ पद्रवियों का नारा था, ‘आजाद हिंद बैंक करेंसी से लेन-देन करना होगा, नहीं तो भारत छोड़ना होगा’। ये लोग खुद को सुभाष चंद्र बोस का अनुयायी बता रहे थे। पुलिस जवाहर बाग की करीब 250 एकड़ जमीन पर अवैध कब्‍जा हटाने पहुंची थी। ये जमीन बागवानी विभाग की है। स्थानीय प्रशासन ने 2 दिन पहले बाग पर कब्‍जा किए लोगों को नोटिस देते हुए इसे 24 घंटे के अंदर खाली करने की वॉर्निंग दी थी। पुलिस को देखते ही उपद्रवियों ने फायरिंग शुरु कर दी।

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