मथुरा हादसा: पांच घंटे साथ रहा भाई-बहन का परिवार, नींद में ही सबकुछ खत्म

मथुरा के थाना मगोर्रा क्षेत्र में हुए हादसे में दस जिंदगियां नींद में ही काल का ग्रास बन गईं। अधिवक्ता महेश और उनकी बहन का पूरा परिवार ही खत्म हो गया। बताया गया है कि हादसे के दौरान कार में अधिकतर लोग सो ही रहे थे।
बता दें कि बरेली के थाना सुभाष नगर की राजीव कालोनी के रहने वाले महेश शर्मा का थाना सुभाष नगर के पास पंडितजी टी स्टाल और रेस्टोरेंट है। वे अपने और अपनी बहन के परिवार के साथ राजस्थान में मेहंदीपुर बालाजी के दर्शन करने जा रहे थे। भाई-बहन का परिवार बरेली से रात में करीब 11 बजे चला और सुबह चार बजे मथुरा पहुंच गया था।
रात का सफर होने के कारण कार में ड्राइवर के अलावा अधिकतर सवार सो ही रहे थे। रविवार की सुबह करीब 4.30 बजे जब कार थाना मगोर्रा के मथुरा-भरतपुर मार्ग पर पहुंची तो भी सभी नींद में ही थे कि अचानक ही कार गांव मकेरा की फतेहपुर सीकरी नहर में जा गिरी।
जब तक कोई आंख खोल पाता पूरी कार गहरे पानी में समा चुकी थी। महेश शर्मा 45, उनकी पत्नी दीपिका शर्मा 42, पुत्र हार्दिक 15 और ऋतिक 13, पुत्री खुशबू 19 और हिमांशी 20, महेश की बहन पूनम पत्नी जयकरन 35, पूनम का बेटा रोहन पुत्र जयकरन 20 और बेटी सुरभि पुत्री जयकरन 19  कार में सवार थे।
इनके अलावा बरेली के गांव बिछुरिया निवासी हरिश्चंद्र पुत्र किशनलाल कार चला रहा था। संभव घटना के वक्त केवल वो ही जाग रहा था। तभी तो जब कार नहर में गिरी तो ड्राइवर ही बाहर निकलने की कोशिश कर पाया। बाकी सभी की कार में ही मौत हो गई।