मदनलाल सैनी बने राजस्थान भाजपा के नए अध्यक्ष

जयपुर। राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद पर अपनी पसंद के नेता की नियुक्ति की जिद पर अड़ीं राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की जिद आखिर पूरी हो गई।

राजस्थान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद पर अब राज्यसभा सदस्य मदनलाल सैनी को नियुक्त किया गया है, जबकि पार्टी का राष्ट्रीय नेतृृत्व पिछले ढाई माह से केंद्रीय कृृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को अध्यक्ष बनाने पर अड़ा हुआ था। इसके चलते प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति का मामला अटका हुआ था।

राजस्थान भाजपा के निवर्तमान अध्यक्ष अशोक परनामी ने 16 अप्रैल को इस्तीफा दे दिया था। तबसे यह पद रिक्त था। पार्टी का राष्ट्रीय नेतृृत्व इस पद पर केंद्रीय कृृषि राज्य मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को नियुक्त करना चाहता था और यह तय माना जा रहा था कि वह ही अगले अध्यक्ष होंगे।

लेकिन वसुंधरा राजे शेखावत के नाम पर राजी नहीं थीं। उन्होंने पार्टी नेतृृत्व को अपनी इच्छा बता दी और यह भी कहा कि शेखावत को अध्यक्ष बनाए जाने से राज्य में जातिगत समीकरण बिगड़ जाएंगे। जाट वोट बैंक नाराज हो जाएगा।

राजे और पार्टी के राष्ट्रीय नेतृृत्व के बीच इस मामले को लेकर कर्नाटक चुनाव से पहले और इसके बाद दो बार लंबी चर्चा हुई। राष्ट्रीय नेतृृत्व ने अलग-अलग तरह से राजे को राजी करने की कोशिश भी की, लेकिन राजे अड़ीं रहीं।

इस बीच केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री अर्जुनलाल मेघवाल, मदनलाल सैनी और सतीश पूनिया के नाम भी आए, लेकिन अंत में शेखावत, सैनी और सतीश पूनिया के नामों पर चर्चा हुई। शेखावत की तरह पूनिया के नाम पर भी राजे सहमत नहीं थीं। अंत में सैनी का नाम पर राष्ट्रीय नेतृृत्व ने मुहर लगा दी।

दोपहर में दी सूचना

शुक्रवार दोपहर बाद पार्टी नेतृृत्व ने दिल्ली में ही रुके सैनी को फोन कर अध्यक्ष बनाए जाने की अनौपचारिक सूूचना दे दी। इसके बाद राजस्थान के कुछ केंद्रीय मंत्रियों ने राजस्थान हाउस जाकर सैनी को शुभकामनाएं दीं। देर शाम उनकी नियुक्ति का ऐलान कर दिया गया।

सधेंगे जातिगत समीकरण

सैनी की नियुक्ति को राजस्थान भाजपा के कार्यकर्ता बहुत अच्छा निर्णय बता रहे हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार सैनी को अध्यक्ष बनाकर पार्टी राजस्थान में बहुत बड़ी उपस्थिति रखने वाले माली समुदाय को भी साध सकेगी।

कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत माली समुदाय से आते हैं और उन्हें इस समुदाय का एकमात्र बड़ा नेता माना जाता है। अब सैनी की नियुक्ति से भाजपा इस समुदाय को अपने पक्ष में करने का प्रयास करेगी।

कार्यकर्ता भी राजी

सैनी को पार्टी में काफी लो-प्रोफाइल नेता माना जाता है। वे पार्टी की अनुशासन समिति के अध्यक्ष सहित कई पदों पर रह चुके हैं और हाल में उन्हें राज्यसभा का सदस्य बनाया गया है। उनकी नियुक्ति से आम कार्यकर्ता काफी खुश हैं, क्योंकि वे बड़े सहज स्वभाव के नेता माने जाते रहे हैं।