मनरेगा के डेढ़ हजार संविदा उपयंत्रियों की सेवाएं आरईएस को सौंपी

मनरेगा का काम करवाने वाले संविदा उपयंत्री अब सभी तरह के निर्माण कार्य करवा सकेंगे। सरकार ने डेढ़ हजार संविदा उपयंत्रियों की सेवाएं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को सौंप दी है, ये उपयंत्री अब ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) के क्लस्टर को संभालेंगे। गौरतलब है कि उक्त उपयंत्री लगभग 13 साल से मनरेगा में संविदा आधार पर तैनात हैं। आरईएस में तैनात होने से उपयंत्रियों के नियमितीकरण की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक सरकार ने ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के पदों का युक्तियुक्तकरण कर जनपद स्तर पर क्लस्टर का निर्माण किया है। प्रदेश में आरईएस के दो हजार 299 क्लस्टर बनाए गए हैं। इसमें आरईएस की नियमित सेवा के 877 और 1422 संविदा उपयंत्री को तैनात किया गया है।

यह पहला मौका है जब संविदा वाले उपयंत्रियों को आरईएस में तैनात किया गया। संभावना जताई जा रही है कि उपयंत्रियों की सेवाएं भविष्य में आरईएस में मर्ज की जा सकती हैं। इसकी वजह यह है कि कई जिलों में आरईएस के नियमित उपयंत्री नहीं हैं। खासतौर पर ये हालात उन जिलों में है जो आदिवासी बाहुल्य हैं। इसमें अनूपपुर, बालाघाट, पन्ना और टीकमगढ़ जैसे जिले शामिल हैं।