मप्र में प्लास्टिक कैरी बैग बैन करने अध्यादेश ला रही सरकार

भोपाल। मध्यप्रदेश में एक मई से प्लास्टिक कैरी बैग पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। राज्य सरकार इसके लिए जैव अनाश्य अपशिष्ट (नियंत्रण) अधिनियम 2004 में संशोधन कर अध्यादेश ला रही है। इसके लागू होने के बाद सामान लाने-जाने के लिए दुकानों पर मिलने वाले कैरी बैग बंद हो जाएंगे।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 26 जनवरी को मप्र में प्लास्टिक बैन करने की घोषणा की थी। इसके बाद नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग ने यह कदम उठाया है।

सूत्रों के मुताबिक सामान लाने, ले जाने के लिए पॉलीथिन पर पूरी तरह बैन रहेगा, वहीं अन्य कामों के लिए उपयोग होने वाले पॉलीथिन उत्पादों को इससे छूट मिल सकती है। अभी तक प्रदेश में 44 माइक्रोन से ज्यादा की पॉलीथीन ही वैध है। पॉलीथीन बैन के लिए राज्य सरकार अध्यादेश अप्रैल के पहले या दूसरे सप्ताह में ला सकती है। नगरीय विकास व आवास विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है और अध्यादेश का ड्राफ्ट भी तैयार हो गया है।

500 टन प्रतिदिन प्लास्टिक वेस्ट जनरेट होता है राज्य में

मप्र में रोज करीब 500 टन प्लास्टिक वेस्ट जनरेट होता है। जिसमें से 390 टन 80 नगरीय निकायों में जनरेट होता है।

ढाई से तीन लाख लोग होंगे प्रभावित

पॉलीथीन बैग बैन होने के बाद लाखों लोगों का व्यवसाय प्रभावित होगा। अधिकारियों के मुताबिक मप्र में पॉलीथीन बैग के निर्माण और व्यापार से ढाई से तीन लाख लोग जुड़े हुए हैं। पॉलीथीन बैन होने के बाद पेपर बैग या कपड़ा बैग का उपयोग ही विकल्प होगा।

अड़चनों का निकाला रास्ता

केंद्र से अनुमति लेने संबंधी : कैरी बैग बैन करने के लिए पहले विधि विभाग ने केंद्र से अनुमति लेने को कहा था। अब विभाग ने ऐसा रास्ता तैयार किया है कि केंद्र से अनुमति लेने की जरूरत न पड़े।

व्यापारियों से हो चुकी है चर्चा

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कैरी बैग बैन करने को लेकर व्यापारियों से कई दौर की चर्चा कर चुका है। व्यापारी इसके खिलाफ थे, लेकिन सरकार ने साफ कर दिया कि सिर्फ कैरी बैग के बैन होने से व्यापार पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। अन्य प्लास्टिक उत्पादों का व्यापार होता रहेगा।

कहां कितना प्लास्टिक कचरा जनरेट होता है

शहर–प्लास्टिक कचरा (टन में)

इंदौर–71.73

भोपाल–64.74

जबलपुर–38.49

ग्वालियर–37.96

उज्जैन–18.55

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