मर्द कभी ना करें ये काम, नहीं तो हो जाएगा ब्रेस्ट कैंसर

अगर आप भी उन लोगों में से हैं जिन्हें लगता है कि ब्रेस्ट कैंसर सिर्फ महिलाओं को ही होता हैं तो ये खबर सिर्फ आपके लिए है। डॉक्टरों की मानें तो यह बीमारी महिलाओं से ज्यादा पुरुषों में अधिक जटिल होती है। आप सोच रहे होंगे कि पुरुषों के तो ब्रेस्ट ही नहीं होते तो उन्हें ब्रेस्ट कैंसर कैसे हो सकता है। अपना जवाब पाने के लिए आगे की स्लाइड्स में किल्क करें।
आपको बता दें कि ब्रेस्ट टिश्यूज महिला और पुरुष दोनों के ही शरीर में होते हैं। लेकिन महिलाओं में कई प्रकार के हार्मोन्स की वजह से ये टिश्यूज बढ़कर पूरे ब्रेस्ट का रूप ले लेते हैं। जबकि पुरुषों में ब्रेस्ट बढ़ाने वाले हार्मोन नहीं होते हैं। जिसकी वजह से उनका सीना सपाट रह जाता है।

डॉक्टरों की मानें तो पुरुषों में कैंसर के जीवाणु बढ़ने का सबसे ज्यादा खतरा 40 से 60 साल की उम्र के बीच में होता है।ब्रेस्ट कैंसर का खतरा उन पुरुषों में ज्यादा होता है जो बहुत ज्‍यादा शराब पीते हैं, जरूरत से ज्यादा मोटे होते है या फिर उन पुरुषों को जिन्हें लिवर की बीमारी होती है। ऐसे लोग अपनी छाती के आकार में जरा सा भी फर्क आने पर या कोई सख्त गांठ जैसी दिखने पर अपने डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
स्तन कैंसर के खतरा उन पुरुषों को ज्यादा होता है जो क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम की समस्या से पीड़ित रहते हैं।क्लाइनफेल्टर एक तरह की जीन संबंधित बीमारी है जिसमें पुरुष में एक्स क्रोमोजोम की संख्या ज्यादा होती है। इस तरह के पुरुषों में स्तन कैंसर की संभावना 15 से 50 फीसदी तक ज्यादा बनी रहती है।