मसाला बेचने वाला सीरियल किलर: पांच-पांच हजार के लिए कर दिए थे चार कत्ल

मुंगावली/भोपाल. गांव-गांव जाकर मसाले बेचने वाला एक शख्स सीरियल किलर के रूप में मौत बांट रहा था। 9 सालों में उसने 4 कत्ल किए और वह भी महज 5-5 हजार रुपए के लिए। 9 साल बाद जब ये राज खुला और उस पत्थर के बारे में पता चला, जिससे वह हत्या करता था। क्या है मामला…
-दिसम्बर 2007 को खनियाधानां के गुन्हेरू स्टेशन पर एक युवक का शव वीभत्स हालत में मिला था।
-पुलिस ने लंबे समय तक मामले की जांच की। लेकिन जब मृतक और हत्यारे का सुराग नहीं लगा तो पुलिस ने मामले में खात्मा लगाकर फाइल बंद दी।
-कुछ ही दिन पहले शिवपुरी पुलिस के हत्थे चढ़ा एक हत्या के आरोपी ने पूछताछ में मुंगावली तहसील के गुन्हेरू गांव में 9 साल पहले हत्या करना स्वीकार कर लिया है।
-जानकारी लगने पर मुंगावली पुलिस शिवपुरी से हत्यारे को लेकर आई। जहां घटना स्थल पर हत्यारे की निशानदेही पर वह पत्थर भी बरामद किया जिससे उसने युवक की हत्या की थी।
-पकड़े गए आरोपी ने 4 हत्याएं महज 5 हजार रुपए के लिए की हैं।
पत्थर से कुचलकर युवक की हत्या
-मुंगावली थाना प्रभारी केजी तिवारी ने बताया कि गांव-गांव मसाले बेचने का कार्य करने वाला 47 साल का वनमाली शिवपुरी खनियाधानां के अछरोनी गांव का रहने वाला हे।
-वह नौकरी दिलाने के नाम पर अब तक 4 युवकों को मौत के घाट उतार चुका है।
-ऐसे ही एक मामले में हत्यारे ने दिसम्बर 2007 को खनियाधानां थाना के अंतर्गत ग्राम टाला पहाड़ी के युवक मुलायम सिंह वघेल को गुन्हेरू स्टेशन पर लाकर मौत की नींद सुला दिया।
-मृतक और आरोपी दोनों ही दूसरे जिले के थे, इसलिए जब फरियादी और मुल्जिम नहीं मिले तो दो साल पहले मामले में खात्मा लगा दिया।
-लेकिन शिवपुरी में विगत दिनों मुंगावली तहसील के अंतर्गत गुन्हेरू स्टेशन पर आरोपी ने जब हत्या करने की बात स्वीकार की तो मुंगावली पुलिस हत्यारे को अपने साथ ले आई।
-जहां उसकी निशानदेही पर जिस पत्थर से कुचलकर युवक की हत्या की गई वह बरामद किया।
इन लोगों की हत्याएं की
1. दिसम्बर 2007 में पहली हत्या मुलायम सिंह बघेल ग्राम टाला पहाड़ी थाना खनियाधानां के गुन्हेरू रेलवे स्टेशन पर की।
2. जनवरी 2008 मे सूरज जाटव ग्राम भोरट खनियाधानां जिला शिवपुरी की हत्या की।
3. जनवरी 2016 में वुद्धू बाथम थाना सिहोर जिला शिवपुरी की हत्या की।
4. फरवरी 2016 में ही जीवन लाल वाथम ग्राम पुला थाना सिहोर की हत्या की।
सिर्फ 5 हजार रुपए ही निकालता था जेब से
-आरोपी ने मीडिया को बताया कि वह पहले तो नाक में घूंसा मारकर युवक को बेहोश करता था इसके बाद बड़े पत्थर से सिर कुचलकर मार डालता था।
-वहीं जेब से सिर्फ 5000 रुपए निकालकर फरार हो जाता था। यदि किसी की जेब में 5 हजार रुपए से ज्यादा होते थे तो भी वह सिर्फ 5 हजार रुपए ही निकालता था।
– हत्या करने के बाद वह गांव में ही वापस घूमने लगता था जिससे कोई उस पर शक न कर सके।
-2008 में सूरज जाटव की हत्या करने के बाद वह पकड़ा गया था और जेल भी हुई। लेकिन पेरोल पर छूटकर वह ऐसा गया कि फिर वापस जेल नहीं पहुंचा।

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