महत्वपूर्ण समझौते पर किए हस्ताक्षर ,राष्ट्रपति कोविंद ने जिबूती के साथ

पहुंचे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को विदेश कार्यालय परामर्श को संस्थागत बनाने के समझौते पर हस्ताक्षर किया। जिबूती के राष्ट्रपति ओमर गुलेह के साथ वार्ता के  बाद दोनों नेताओं ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किया। इस दौरान कोविद ने जिबूती को भारत के लिए हिंद महासागरीय क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण देश भी बताया।राष्ट्रपति ने 2015 में युद्धग्रस्त यमन से भारतीयों को निकालने में मदद करने को लेकर रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण अफ्रीकी देश जिबूती का आभार जताया। इसके साथ ही उन्होंने समुद्री सहयोग और नवीकरणीय ऊर्जा पर भी चर्चा की। राष्ट्रपति कोविद ने जिबूती की संभावित सौर क्षमता का उल्लेख करते हुए अंतरराष्ट्रीय सौर संगठन (आईएसए) में शामिल किए जाने की की वकालत भी की। आईएसए की स्थापना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तत्कालीन फ्रांसीसी राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने पेरिस में सीओपी21 के दौरान संयुक्त रूप से की थी। आईएस का उद्देश्य सौर ऊर्जा संपन्न देशों के बीच सहयोग के लिए एक विशेष मंच मुहैया कराना और सौर ऊर्जा के प्रयोग को बढ़ाना देना है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविद की जिबूती यात्रा इस लिए रणनीतिक तौर पर महत्वपूर्ण है क्योंकि चीन ने हाल ही में जिबूती में अपना पहला सैन्य बेस खोला है।