महाकाल मंदिर में वीआईपी दर्शन व्यवस्था बन रही परेशानी का कारण…

उज्जैन : मध्यप्रदेश के उज्जैन के महांकाल मंदिर में प्रशाशन ने जो वीआईपी दर्शन की व्यवस्था शुरू की थी वो अब खुद परेशानी का कारण बन गयी है | प्रशासन खुद अपनी बनाई हुई व्यवस्था को बरक़रार नहीं रख पा रहा है |यही कारण है की जो श्रद्धालु यहाँ दर्शन करने आते है उनको परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है |नए साल के पहले दिन सोमवार को भी यही हुआ। आम दर्शनार्थी बाबा महाकाल की एक झलक पाने को तरस गए और रसूखदारों ने कायदों को ताक पर रखकर गर्भगृह में महाकाल दर्शन किए।प्रशासन अपने बनाए नियमों का पालन ही नहीं करा पा रहा है। गड़बड़ी के बाद मातहतों पर कार्रवाई भी नहीं होती है।

इसके चलते हर बार बड़े पर्व-त्योहारों पर मंदिर की व्यवस्था बिगड़ती है। मंदिर समिति ने आम दर्शनार्थियों को शीघ्र दर्शन करने के लिए 250 रुपए के टिकट की व्यवस्था की है। भक्त शीघ्र दर्शन करने की चाह में 250 रुपए देकर टिकट खरीदते हैं। लेकिन इसके लिए उन्हें लंबा घुमाया जाता है। प्रवेश बंद के दौरान प्रोटोकाल के नाम पर दर्शनार्थी गर्भगृह से निशुल्क दर्शन करते हैं और 250 के सशुल्क टिकट वाले दर्शनार्थियों को सामान्य दर्शनार्थियों के साथ 50 फीट दूर से बाबा के दर्शन कराए जाते हैं। वही पर मंदिर प्रशासन रसूखदारों को प्रोटोकाल के नाम पर वीआईपी दर्शन कराता है। यहां तैनात कर्मचारी वीआईपी के नाम पर प्रतिदिन सैकड़ों लोगों को दर्शन कराते हैं। वही पर भसम आरती दर्शन के लिए भी खासी मशक्क्त करनी पड़ती है भस्मारती दर्शन के लिए मंदिर प्रशासन ने भक्तों के बैठने के लिए नंदी, गणेश तथा कार्तिकेय मंडपम् निर्धारित किया है। प्रतिदिन 1700 भक्तों को दर्शन अनुमति दी जाती है। इसमें भी आम भक्तों को अनुमति लेने के लिए मशक्कत करना पड़ती है