महाराष्ट्र किसान आंदोलन: रास्ते भर ऐसे चार्ज करते रहे मोबाइल, ताकि परिवार से कॉन्टेक्ट में रह सकें

मुंबई.मोबाइल फोन आज किस तरह आम से खास तक के जीवन की जरूरत बन चुकी है। इसका नजारा मुंबई के किसान मोर्चे में भी दिखाई दिया। नाशिक से पैदल मुंबई तक निकाले गए मोर्चें में शामिल किसानों के लिए रास्ते में मोबाइल चार्ज करना एक बड़ी समस्या थी। नाशिक से लॉन्ग मार्च के लिए रवाना हुए किसान नथू उदार के पास इसका हल था। उदार अपने साथ सोलर पैनल लाए थे, जिसके जरिए मोबाइल चार्ज कर वे लगातार अपने परिवार के साथ संपर्क में बने रहे। रास्ते में सोलर चार्ज होता रहे इसलिए उन्होंने इसे अपने सिर पर रखा हुआ था। उदार की इस तरकीब का मोर्चे में शामिल कई अन्य किसानों को भी फायदा हुआ। सीएम ने किसानों को सराहा….

– मुख्यमंत्री ने किसानों की सराहना की। कहा- सरकार की अपील स्वीकार करते हुए दसवीं के परीक्षार्थियों को परेशानी से बचाने के लिए थके होने के बावजूद किसान आधी रात में ही सायन से यात्रा कर आजाद मैदान तक पहुंचे।

– मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसान नेता लॉन्ग मार्च पर अड़े रहे तो हमने किसानों की स्वास्थ्य और दूसरी सहूलियतों का पूरा इंतजाम किया। लोगों के लिए एंबुलेंस उपलब्ध थी। ट्रैफिक की समस्या न खड़ी हो इसलिए किसानों से अपील की गई थी कि वे सर्विस रोड के जरिए लॉन्ग मार्च निकाले। किसानों ने इसे स्वीकार कर लिया।

किसानों के लिए विशेष ट्रेन
– सरकार और किसानों के बीच मांगों पर सहमति बनने के बाद किसानों के वापस जाने के लिए सरकार के निवेदन पर मध्य रेलवे ने विशेष ट्रेनों की व्यवस्था की है।

– छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस से भुसावल के लिए रात साढ़े आठ बजे और 10 बजे ये ट्रेनें रवाना की गई। क्रमश: 13 और 18 डिब्बों की ये ट्रेनें पूरी तरह अनारक्षित थी।