महिला यात्री सुरक्षा के लिए विशाखापट्टनम रेलवे स्टेशन ने शुरू की अनूठी पहल

विशाखापट्टनम। ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा अहम मुद्दा रहा है और उनमें भी महिलाओं की सुरक्षा पहले आती है। इन्ही महिलाओं को को सुरक्षा देने के लिए आंध्र प्रदेश में एक नई पहल हुई है। यहां ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशाखापट्टनम रेलवे स्टेशन ने सुभद्रा वाहिनी नामक महिलाओं का समूह तैयार किया है। यह समूह ट्रेन में असुविधाओं से जूझ रही महिलओं की मदद करेंगा।

सुभद्रा वाहिनी में 32 महिलाएं हैं जिनमें रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के 16 रेलवे महिलाकर्मी भी शामिल हैं। सोमवार को इसकी शुरुआत की गई। सुभद्रा वाहिनी के संपर्क में रहने के लिए, महिलाओं के लिए टोल-फ्री नंबर 182 जारी किया गया है जिसे डायल कर महिला यात्री को तत्काल सहायता प्रदान की जाती है।

केंद्रीय रेल मंत्री पियुष गोयल ने सोमवार को कहा था कि रेलवे मंत्रालय के लिए यात्रियों की सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा था कि, “वर्तमान सरकार के कार्यकाल के दौरान रेलवे को लेकर लोगों की मानसिकता बदल गई है। आज, भारतीय रेल यात्री सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। इसके लिए बुनियादी ढांचे को अपग्रेड किया जा रहा है ताकि प्रभावित क्षेत्रों में सुधार लाया जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार रेलवे की यात्रा को आसान बनाने के लिए प्रौद्योगिकी में निवेश कर रही है। इसके लिए लिंके होफमान बुश (एलएचबी) कोच का उपयोग यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है। हम अपने नियोक्ताओं की उत्पादकता में सुधार करने के तरीके पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”