मुख्यमंत्री ने किया ’छत्तीसगढ़ दंडकारण्य रामायण’ का विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज यहां विधानसभा परिसर स्थित अपने कार्यालय कक्ष में भाषा वैज्ञानिक डॉ. मन्नूलाल यदु ’मनु’ द्वारा रचित लगभग 400 पृष्ठों के शोध ग्रंथ ’छत्तीसगढ़ दंडकारण्य रामायण’ का विमोचन किया। इस अवसर पर संसदीय सचिव श्री मोतीराम चंद्रवंशी, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) के अध्यक्ष और राम राज्य अभियान समिति के अध्यक्ष श्री राधाकृष्ण गुप्ता, विधायक श्रीमती सरोजनी बंजारे सहित श्री मयंक गुप्ता भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने इस महत्वपूर्ण गं्रथ की रचना के लिए भाषा वैज्ञानिक डॉ. मन्नूलाल यदु को बधाई दी। डॉ. सिंह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती को मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम की माता कौशिल्या का मायका और श्रीराम का ननिहाल होने का गौरव प्राप्त है। डॉ. यदु ने अपने सहयोगियों के साथ छत्तीसगढ़ में भगवान श्रीराम के वनगमन पथ को चिन्हांकित करने की दिशा में भी काफी काम किया है। डॉ. मन्नूलाल यदु ने इस अवसर पर बताया कि भगवान श्रीराम का वनगमन पथ छत्तीसगढ़ में कोरिया जिले के हरचौका, सीतामढ़ी होते हुए सूरजपुर, देवगढ़, रामगढ़, मैनपाट, सीतापुर, धरमजयगढ़, खरसिया, डभरा, हसौद, शिवरीनारायण, कसडोल, महासमुन्द, आरंग, राजिम, धमतरी, नगरी, सिहावा, कांकेर, केशकाल, धनोरा, नारायणपुर, राकासहाड़ा और नारायणपाल होते हुए चित्रकोट, बारसूर, गीदम, दंतेवाड़ा, इंजरम और कोण्टा तक चिन्हांकित किया गया है। वहां से भगवान श्रीराम ने आंध्रप्रदेश के भद्राचलम की ओर प्रस्थान किया था।

 

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