मोटरसाइकिल पर महिलाएं कर रहीं ये काम, पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस की चेकिंग से बचने के लिए बदमाश बाइक पर युवती को बिठाकर लाया और महिला के गले से सोने की चेन लूटकर फरार हो गया। वारदात उपनगर मुरार के एमएच चौराहा पर बुधवार दोपहर 1 बजे हुई। ये पहला मौका है जब बाइक सवार लूट करने वाले गिरोह में महिला सदस्य वारदात के समय दिखाई दी है। पुलिस महिला की कहानी को संदिग्ध मान रही है। फिलहाल पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

झांसी रोड नाका चन्द्रबदनी स्थित रानीपुरा निवासी पार्वती पत्नी प्रकाश बाल्मीकि बुधवार दोपहर अपने बेटे के साथ मुरार किसी रिश्तेदार के घर गई थीं। दोपहर करीब 1 बजे जब वह वापस घर लौट रही थीं, तभी एमएच चौराहा पर बाइक सवार तेजी से निकला। बाइक चला रहे युवक ने महिला के गले पर झपट्टा मारा और आधा तोला वजनी सोने की चेन छीन ले गया।

घटना के बाद जब महिला ने पलटकर देखा तो बाइक पर बदमाश के पीछे एक युवती भी बैठी थी। दोनों मुंह पर कपड़ा बांधे हुए थे। घटना के बाद पार्वती के बेटे ने बाइक सवार का पीछा भी किया, लेकिन बदमाश बाइक लहराते हुए सिंहपुर रोड की तरफ फरार हो गया। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर लिया है।

पहली बार लुटेरों के साथ दिखी युवती

लूट की शिकार पार्वती व उसके बेटे ने पुलिस को बताया है कि जिस बाइक सवार बदमाश ने झपट्टा मारकर चेन लूटी है। उसके साथ एक युवती भी बाइक पर पीछे बैठी थी। उसने मुंह पर कपड़ा बांधे हुए था। पिछले कई सालों में ऐसा पहली बार हुआ है कि लूट की वारदात में बाइक सवार बदमाशों के साथ कोई युवती दिखी हो। महिला ने जब लूट में युवती के भी शामिल होने की बात कही तो पुलिस हैरान रह गई। उसके बाद जांच को आगे बढ़ाकर पुलिस ने पूछताछ की। स्पॉट पर पहुंचने के बाद घटना के संबंध में अहम जानकारी भी मिली हैं।

बाइक के अधूरे नंबर से तलाश शुरू

पार्वती व उसके बेटे ने वारदात करने वालों की बाइक का अधूरा नंबर पुलिस को बताया है। पीड़ित ने एमपी07- 3052 नंबर पुलिस को देखने का दावा किया है। पर बीच में कोड क्या था यह साफ नहीं दिखा। अब पुलिस इस नंबर के आधार पर आरटीओ से जानकारी निकालकर बाइक सवार महिला-पुरुष तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

लूट की कहानी संदिग्ध

थाना प्रभारी अजय पवार ने बताया कि महिला ने जो शिकायत की है उस पर लूट का मामला दर्ज किया है, लेकिन बाद में पूरी कहानी संदिग्ध निकली है। महिला ने बाइक का नंबर एमपी07-3052 बताया था। पर सेट पर पुलिस जवान ने गलत सुनते हुए उसे 3092 कर दिया। यह एमपी07-3052 नंबर की गाड़ी महेन्द्र पुत्र राजेन्द्र बाल्मीकि के नाम है। दो दिन पहले महिला की बेटी बबली लापता हुई है। झांसी रोड में गुमशुदगी कराते हुए उसने महेन्द्र पर संदेह जताया है। जिसकी बाइक का नंबर उसने पुलिस को बताया। उसे फंसाने यह कहानी बुनी होगी। मामले की जांच की जा रही है।