मोबाइल चिप निर्माता कंपनी क्वालकॉम के अधिग्रहण से ट्रंप को आपत्ति क्यों?

अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने मोबाइल चिप बनाने वाली कंपनी क्वालकॉम के अधिग्रहण पर रोक लगा दी है.

सिंगापुर की प्रतिद्वंदी कंपनी ब्रॉडकॉम ने क्वालकॉम के अधिग्रहण का प्रस्ताव रखा था. डोनल्ड ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा का हवाला देते हुए इस पर रोक लगा दी है.

उनके आदेश में “विश्वसनीय सबूत” का हवाला देते हुए कहा गया है कि करीब नौ हज़ार करोड़ रुपए का यह प्रस्तावित अधिग्रहण “अमरीका की सुरक्षा के लिए खतरा है.”

अधिग्रहण को लेकर यह भी चिंता जताई जा रही थी कि इससे चीन वायरलेस 5जी तकनीक को विकसित करने में आगे निकल जाएगा.

5जी तकनकी और अधिग्रहण

इसे तकनीक के क्षेत्र का सबसे बड़ा अधिग्रहण माना जा रहा था.

इस अधिग्रहण के बाद ब्रॉडकॉम माइक्रोचीप निर्माण में इंटेल और सैमसंग के बाद दुनिया की तीसरी बड़ी कंपनी बन जाती.

चिप बनाने वाली कंपनियों में वायरलेस 5जी तकनकी विकसित करने की होड़ है और क्वालकॉम को इस क्षेत्र में अग्रणी माना जाता है. ब्रॉडकॉम और चीन की कंपनी हुवई इससे पीछे हैं.

विश्लेषकों का कहना है कि डोनल्ड ट्रंप का यह फैसला प्रतियोगिता से कहीं अधिक सुरक्षा चिंताओं को लेकर किया गया है.

ग्लोबल रिसर्च फर्म आईडीसी के उपाध्यक्ष मारियो मोरालेस ने बीबीसी से कहा, “हमलोग दौड़ की शुरुआत में है, और आपके पास 5जी का ताज है, जिसमें सभी शामिल होना चाहते हैं.”

वो आगे कहते हैं, “5जी हथियारों की दौड़ में क्वालकॉम एक महत्वपूर्ण हथियार है. अमरीका और दूसरे देश इस दौड़ में प्रथम होना चाहते हैं.”

वहीं, ब्रॉडकॉम का कहना है कि वो ट्रंप के आदेश को देख रहे हैं. कंपनी ने इस बात पर असहमति जताई है कि क्वालकॉम का प्रस्तावित अधिग्रहण राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ख़तरा है.