मोहम्मद कैफ ने क्रिकेट को कहा अलविदा, ‘इस बात’ का हमेशा रहेगा मलाल.

भारतीय क्रिकेट टीम के सर्वश्रेष्ठ फील्डरों में शुमार रहे निचले क्रम के उम्दा बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने भारत के लिए आखिरी मैच खेलने के करीब 12 साल बाद आज सभी तरह के प्रतिस्पर्धी क्रिकेट को अलविदा कह दिया. सैंतीस बरस के कैफ ने 13 टेस्ट, 125 वनडे खेले थे और उन्हें लाडर्स पर 2002 में नेटवेस्ट ट्राफी फाइनल में 87 रन की मैच जिताने वाली पारी के लिए जाना जाता है.कैफ ने 13 टेस्ट में 32 की औसत से 2753 रन बनाए. वहीं 125 वनडे में उनका औसत 32 रहा. कैफ हिंदी क्रिकेट कमेंटेटर के रूप में कैरियर की दूसरी पारी शुरू कर चुके हैं. वैसे इस पूर्व क्रिकेटर ने वीरवार को संन्यास लिया, तो इसके पीछे बहुत ही खास वजह रही. लेकिन उन्होंने सोशल मीडिया में लिखे संदेश में उन पलों के बारे में भी लिखा जिसका उन्हें हमेशा मलाल रहेगा. कैफ ने 13 टेस्ट में 32 की औसत से 2753 रन बनाए. वहीं 125 वनडे में उनका औसत 32 रहा. कैफ हिन्दी क्रिकेट कमेंटेटर के रूप में करियर की दूसरी पारी शुरू कर चुके हैं. कैफ ने ट्विवटर पर एक पत्र जारी करते हुए कई लोगों का शुक्रिया अदा किया. इस पूर्व क्रिकेटर ने सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ सहित अपने माता-पिता, भाइयों और पत्नी सहित उन तमाम लोगों का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उनके करियर को गढ़ने में अहम योगदान दिया. बहरहाल इस मौके पर कैफ ने खुलकर इस घटना के बारे में बताया जिसका उन्हें ता उम्र मलाल रहेगा. कैफ ने सोशल मीडिया पर जारी पत्र में कहा कि काश वह भारत के लिए और ज्यादा मैच खेलते. कैफ ने लिखा कि काश ऐसा कोई सिस्टम होता, जो 25 साल के एक अंतर्मुखी लड़के के पास बैठकर उसे यह बताता कि वह विंडीज में मेजबान टीम के खिलाफ अपनी आखिरी सीरीज में 148 नाबाद की पारी खेलने के बाद भी अगली सीरीज के लिए फिर कभी क्यों चयनित नहीं हुआ