यकीन नहीं होगा लेकिन इस एक नंबर ने 270 नवजातों को बचाया

एक नवंबर को मप्र की डायल 100 सेवा अपने दो वर्ष पूरे करने जा रही है। इन दो सालों में ‘डायल 100’ 34 लाख लोगों की मदद के लिए पहुंची और 20 हजार घायलों को अस्पताल पहुंचाया। साथ ही सड़क किनारे फेंके गए 270 नवजात शिशुओं को अस्पताल में भर्ती कराकर उनकी जान बचाई।

डायल 100 की सफलता को देखते हुए गुरुवार को अलग-अलग राज्यों से आए अखिल भारतीय सेवा के 52 अफसर डायल 100 सेवा का प्रदेश स्तरीय कंट्रोल रूम देखने पहुंचे।

जानकारी के अनुसार गुरुवार को आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में तीन माह का फाउंडेशन कोर्स कर रहे विभिन्न राज्यों से आए भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय वन सेवा के 52 अफसर राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम देखने पहुंचे।

यहां एडीजी अन्वेष मंगलम के निर्देशन में एसपी डायल-100 अमित सक्सेना ने राज्य स्तरीय पुलिस कन्ट्रोल रूम डायल-100 की आपातकालीन सेवा से जुड़ी अहम जानकारी दी। सक्सेना ने डायल 100 के कॉल टेकर्स, सर्वर रूम एवं डायल 100 सोशल मीडिया लैब का भ्रमण कराया।

साथ ही इवेंट मॉनिटरिंग, व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम के बारे में विस्तार से चर्चा की। इस सेवा की शुरुआत पूरे देश में मप्र में सबसे पहले हुई थी। राष्ट्रीय स्तर पर इसे सम्मानित भी किया जा चुका है। इस योजना को देखकर कई राज्य इसे लागू कर चुके हैं।