यहां तय होता है देश का मानक समय IST, देश में हर शख्स देखता है वही वक्त

सतीश रघुवंशी,

क्या आपने कभी सोचा है कि दिनभर घड़ी में आप जो समय देखते हैं वो कैसे और कहां तय होता है। भारत में इंडियन स्टैंडर्ड टाइम देखा जाता है। भारत का यह मानक समय आईएसटी (इंडियन स्टैंडर्ड टाइम) विंध्याचल से तय होता है। यह आधुनिक शोधों से भी सिद्ध हो गया है।

हालांकि, मानक समय के संबंध में यह कहानी भी प्रचलित थी कि राक्षसराज रावण, जिसने काल को भी अपने वश में कर रखा था, वह भी विंध्य क्षेत्र को ही पृथ्वी का केंद्र मानकर समय तय करता था। यह स्थान मीरजापुर-इलाहाबाद मार्ग पर विंध्याचल के दक्षिणी अमरावती के पास स्थित है।

यहां पर दिल्ली की संस्था स्पेस ने अपने शोध के आधार पर निकले निष्कर्ष के तहत एक बोर्ड लगवाया और वहां पर संबंधित जानकारी उपलब्ध कराई। बाद में जिला प्रशासन ने भी उस स्थान को एक छोटे पार्क में तब्दील कर अन्य जानकारियां भी संग्रहित की हैं। अब इस स्थल को जिला प्रशासन ने पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया है।

स्पेस संस्था के अनुसार, यह स्थान 82.5 पूर्वी देशांतर पर स्थित है, जोकि देश का मध्य बिदु है। भारत का मानक समय इंडियन स्टैंडर्ड टाइम इसी जगह से तय होता है। स्पेस संस्था ने वर्ष 2007 में अपना शोध पूरा किया था और उसी समय यह बोर्ड लगवाया था। बाद में तत्कालीन डीएम राजेश कुमार सिह ने इस जगह के महत्व को समझते हुए इसका सुंदरीकरण कराया। एक छोटा पार्क बनवाया, गेट लगवाया और जिले की अन्य भौगोलिक जानकारियों को इसमें जगह दी। उसके बाद से केंद्र सरकार की भी कई टीमें आईं और सर्वे कार्य किया।

अब जिला प्रशासन ने भी इस स्थल को विकसित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने भी उस स्थल का निरीक्षण किया है। अब उस स्थल को टूरिस्ट प्लेस के तौर पर विकसित करने के लिए योजना तैयार की जा रही है।

प्रचलित मान्यता के अनुसार, विंध्याचल की जयपुरिया गली स्थित विंध्य महादेव मंदिर को लंकाधिपति रावण पृथ्वी का मध्य बिदु मानता था। उसके अनुसार मां विंध्यवासिनी ही बिदुवासिनी थी। भौगोलिक दृष्टि से जब इस तथ्य को जांचा गया तो अमरावती के पास का स्थान विंध्य महादेव से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर है।

वर्शनविंध्य क्षेत्र से ही देश का मानक समय तय होता है, इसकी जानकारी होने पर मैं भी एक दिन वहां गया था तो शोध संस्था स्पेस का सूचना बोर्ड लगा मिला। इसके अलावा एक घड़ी भी लगी है। अब इसे टूरिस्ट प्लेस की तरह विकसित किया जाएगा।”- अनुराग पटेल, जिलाधिकारी, मीरजापुर