ये बनना चाहती थी जूनियर माधुरी

अपने अभिनय के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार और सार्वजनिक जीवन में उपलब्धि के लिए पद्मश्री से सम्मानित फिल्म अभिनेत्री विद्या बालन का मानना है कि महिलाओं को किसी भी अजनबी माहौल में पहुंचते समय आसपास की चीजों को देखकर अलर्ट हो जाना चाहिए। उनका कहना है कि ईश्वर ने महिलाओं को किसी भी पुरुष की नकारात्मक सोच को पलक समझते समझ लेने की विशेष शक्ति दी है और इसका उपयोग सही समय पर करने से तमाम मुसीबतों से बचा जा सकता है।

 

विद्या ने कहा कि हम किस परिवेश या वर्ग में  पले बढ़ें हैं, कॅरियर के मामले में ये मायने नहीं रखता। मायने रखता है तो ये कि हम जो बनना चाहते हैं, उसके लिए कितनी शिद्दत से मेहनत करते हैं। ‘अमर उजाला’ से बातचीत में विद्या ने पहली बार माना कि ऐक्टिंग का कीड़ा उन्हें माधुरी दीक्षित को देखकर ही लगा। उन्होंने कहा, मैं जूनियर माधुरी दीक्षित बनना चाहती थी।

 

अपने पाठकों का फिल्मी सितारों से सीधा संवाद कराने की कड़ी में इस बार ‘अमर उजाला’ ने ‘रूपायन’ कवर गर्ल्स की मुलाकात अभिनेत्री विद्या बालन से कराई। पंचकूला, आगरा, मथुरा, गाजियाबाद, लखनऊ, नोएडा और दिल्ली से आईं इन कवर गर्ल्स की फोटो अमर उजाला की मशहूर साप्ताहिक पत्रिका ‘रूपायन’ के कवर पर छप चुकी है। अपनी पसंदीदा अभिनेत्री विद्या बालन को अपने बीच पाकर ये सारी कवर गर्ल्स काफी खुश दिखीं। इन कवर गर्ल्स को विद्या बालन का इंटरव्यू करने का भी मौका मिला।

 

मेमोरी गर्ल के रूप में पहचान बना चुकीं मथुरा की प्रेरणा शर्मा ने विद्या बालन की शुरू से लेकर अब तक की सारी फिल्मों के नाम और साल जुबानी सुनाए। प्रेरणा का परिचय पाकर खुद विद्या बालन हैरान रह गईं और उन्होंने प्रेरणा को गले से लगा लिया। इसके बाद तो विद्या बालन से जादू की झप्पी पाने का सिलसिला ही चल निकला। नोएडा की पूजा भसीन को तो उन्होंने खुद बुलाकर जादू की झप्पी दी और विद्या के इस सरप्राइज से पूजा तो मानो होश ही खो बैठीं।

 

कवर गर्ल्स ने विद्या से मॉडलिंग के टिप्स लिए। अभिनय क्षेत्र में जाने की बारीकियां पूछी। तमाम कवर गर्ल्स का एक सवाल कॉमन दिखा कि वह किसी भी बड़ी शख्सियत से मिलने या किसी भी बड़े कार्यक्रम में अपनी प्रस्तुति देने से पहले थोड़ा हतोत्साहित महसूस करती हैं। विद्या बालन ने टिप देते हुए कहा, जब भी ऐसा हो तो खुद को थोड़ी देर रोककर पांच बार गहरी सांस लेनी चाहिए। इससे दिल की रफ्तार काबू में आती है और फिर हमें खुद को सबसे बेहतरीन समझकर मौके का सामना करना चाहिए। लखनऊ की काजल चौधरी, जो कि मॉडलिंग से जुड़ी हैं और ब्लॉगर भी हैं, को विद्या बालन ने ऐक्टिंग के टिप्स दिए। यही सवाल पत्रकारिता का कोर्स कर रही गाजियाबाद की प्रिया गोयल ने भी उनके किया। आगरा की प्राची माहेश्वरी के सवालों के बीच ही सवाल उठा कि विद्या बालन किसकी फैन रही हैं और किसे अपना आइकर मानती हैं।

 

विद्या बालन ने कहा, भारत में हर युवा कभी न कभी एक्टर बनने के बारे में सोचता जरूर है। मैंने जब माधुरी दीक्षित का फिल्म ‘तेजाब’ का गाना एक दो तीन देखा तभी मेरे मन में ऐक्टिंग के कीड़े ने रेंगना शुरू कर दिया। तब मैं जूनियर माधुरी दीक्षित बनना चाहती थी। उन्होंने कहा कि ऐक्टिंग की उन्होंने कहीं से कोई ट्रेनिंग नहीं ली है और ना ही कभी अपने संवाद याद करके सेट्स पर जाती हैं। हां, गाने में उन्हें नाचना हो तो इसकी प्रैक्टिस वह जमकर करती हैं।