योग, बॉलीवुड के सहारे भारत सॉफ्ट सुपर पावर बनने की दहलीज़ पर?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 जून को अमरीका के दौरे पर होंगे जो पिछले तीन साल में उनका पांचवां दौरा होगा. मोदी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मिलेंगे.

अमरीका दुनिया की सबसे बड़ा सैन्य शक्ति है और सॉफ्ट पावर में भी उसके सामने कोई नहीं. कुछ पायदान नीचे उतरें तो भारत ज़रूर नज़र आता है.

भारत सैन्य सुपर पावर बनना चाहता है जिसमें सालों लग सकते हैं. हाँ, भारत अमरीका के बाद दुनिया का सब से बड़ा सॉफ्ट पावर बनने के दहलीज़ पर खड़ा है.

अभी हाल में कज़ाकस्तान की राजधानी अस्ताना में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक मुलाक़ात के दौरान कहा कि उन्हों ने ‘दंगल’ फिल्म देखी और काफी पसंद भी की.

आमिर खान वाली फिल्म ‘दंगल’ ने न केवल चीनी जनता का दिल जीता है बल्कि उनके राष्ट्रपति को भी लुभाने में कामयाब रही है.

ये है बॉलीवुड का असर और उसकी पहुँच और ये है इंडिया के सॉफ्ट पावर की एक मिसाल.

राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तरफ से किसी भारतीय फिल्म की ये खुली प्रशंसा भले ही सुर्ख़ियों में आने में कामयाब न रही हो लेकिन ये साफ़ है कि जो भारत के लिए सियासी या सैन्य कूटनीति हासिल नहीं कर सकी वो सॉफ्ट पावर ने करके दिखाया.

पिछले महीने दुनिया वालों ने चीन के ‘वन बेल्ट और रोड इनिशिएटिव’ के नाम से चीन की आसमान तक छूने वाली महत्वाकांक्षा को देखा.

मई में बीजिंग में एक बड़ा सम्मलेन हुआ जिसमे कई देशों के लीडर शामिल हुए. भारत ने इसका बहिष्कार किया.

कारण दो थे: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ज़रिए पाकिस्तान के जैश-ए-मोहम्मद के नेता मसूद अज़हर को ‘ग्लोबर टेररिस्ट’ के लिस्ट में शामिल करने की भारतीय कोशिशों को चीन ने रोका और इसने भारत की परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता की मांग का विरोध किया.