रक्षा मंत्री अरुण जेटली की दो टूक, जम्मू-कश्मीर में फैसले लेने के लिए सेना स्वतंत्र

रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि युद्ध जैसे क्षेत्र में फैसले लेने के लिए सेना स्वतंत्र है। सेना के एक अधिकारी के एक कश्मीरी युवक को जीप के बोनट पर बांधने के मामले में उठे विवाद के बीच जेटली का यह बयान आया है।
उन्होंने बुधवार को मेजर लीतुल गोगोई का जिक्र किए बिना कहा, सैन्य समाधान सेना के अधिकारियों द्वारा ही मुहैया कराए जाएंगे। जब आप युद्ध जैसे क्षेत्र में हों तो स्थितियों से कैसे निबटेंगे। …हमें अपने सैन्य अधिकारियों को निर्णय करने देने की अनुमति देनी होगी। उन्होंने कहा, उन्हें संसद के सदस्यों से विचार-विमर्श नहीं करना होगा कि इस प्रकार की परिस्थिति में क्या करना चाहिए। रक्षा मंत्री जम्मू कश्मीर की स्थितियों के बारे में सवालों का जवाब दे रहे थे।
वहीं नौशेरा में भारतीय सेना द्वारा चौकियां तबाह किए जाने के बाद पाकिस्तान सेना की ओर से एलओसी पर हलचल तेज हो गई है। बारामुला से नौशेरा तक एलओसी पर पाकिस्तान ने पेट्रोलिंग तो बंद कर दी है, लेकिन अग्रिम पोस्टों पर जवानों की संख्या बढ़ा दी है। टैंक भी तैनात किए जा रहे हैं। फारवर्ड पोस्ट के बाद पीओके स्थित सुरक्षा के दूसरे घेरे में पाकिस्तानी कैंपों में भी हलचल नोट की गई है।

सेना के सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान सियाचिन में भारतीय सेना को उलझाकर एलओसी पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है। सियाचिन के पास पाकिस्तान वायु सेना की उड़ानें इसी रणनीति का हिस्सा हो सकती हैं।  सियाचिन में भारतीय सेना मजबूत स्थिति में है। सेना के लगभग 10 हजार जवान आधुनिक हथियारों से लैस हैं। भारतीय कैंप ऊंचाई पर हैं और पाकिस्तान के कैंप सियाचिन में नहीं होकर उससे कुछ दूरी पर हैं। लिहाजा पाकिस्तान की ओर से सियाचिन में किसी हिमाकत की संभावना कम है।

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