राजस्थान : ‘पधारो म्हारे देश’ के बजाय अब पर्यटकों से कहा जाएगा ‘जाने क्या दिख जाए’

जयपुर। राजस्थान में पर्यटकों को लुभाने के लिए अब ग्रामीण पर्यटन पर जोर दिया जा रहा है। यही वजह है कि पर्यटन विभाग ‘पधारो म्हारे देश’ की बजाय अब ‘जाने क्या दिख जाए’ की टैग लाइन पर काम कर रहा है। इसके लिए एक नई योजना लागू की जा रही है। इसके तहत हाईवे पर पड़ने वाले गांवों के बाहर बोर्ड लगाए जाएंगे।

इन बोर्डों पर गांव की खासियत के बारे में बखान किया जाएगा। बोर्ड पर संबंधित खासियत की फोटो और संक्षिप्त में जानकारी भी दी गई होगी ताकि सड़क से गुजर रहे पर्यटक आकर्षित हों। योजना के तहत अनछुए और अनदेखे स्थलों को सामने लाया जा रहा है।

हालांकि, ग्रामीण पर्यटन का बढ़ावा देने की यह योजना पर्यटन विभाग ने नहीं, बल्कि राज्य के पंचायती राज विभाग ने लागू की है। दरअसल, राजस्थान के कई गांव विशेषकर शेखावटी अंचल के गांवों में आकर्षक पुरानी हवेलियां, मकान और छोटे किले आदि हैं। इसके अलावा विशेष आस्था वाले मंदिर और धर्मस्थल तो लगभग हर गांव में मिल जाएंगे। इन्हीं को सामने लाने के लिए यह योजना बनाई गई है।

पंचायतीराज विभाग के सचिव कुंजीलाल मीणा ने इस बारे में सभी जिला परिषदों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को आदेश भेजा है। इसमें कहा गया है कि वे सभी पंचायतों से गांवों के ऐतिहासिक स्थलों की सूची तैयार कराएं और जहां वह ऐतिहासिक स्थल हों, उस गांव के नजदीकी स्टेट या नेशनल हाईवे पर उस स्थल की जानकारी देने वाला बोर्ड लगवाएं।

बोर्ड पर उस स्थल का फोटो और उससे जुड़ी रोचक जानकारी तथा वहां तक पहुंचने का रास्ता बताया जाए, ताकि लोग वहां तक आसानी से पहुंच सकें। आदेश में कहा गया है कि इससे ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और गांवों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।