राजस्थान: बिना टिकट कैसे होगा सशक्तिकरण, 14 जिलों से एक भी महिला MLA नहीं

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की मां राजमाता विजयाराजे सिंधिया की जन्म-शताब्दी के मौके पर बीजेपी महिला मोर्चामहिला सशक्तिरण दौड़ निकाल रही है. नारी शक्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह अभियान मध्य प्रदेश के मुरैना से शुरू किया गया था, जो रविवार को राजस्थान के चंबल क्षेत्र में पहुंचा. यहां मुख्यमंत्री राजे ने यात्रा का स्वागत किया.

इस मौके पर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने राजमाता से जुड़ी यादों को साझा करते हुए कहा कि राजमाता की सोच महिलाओं को सशक्त करने की थी. क्योंकि महिला के मजबूत होने पर ही परिवार सशक्त होता है, जिससे राष्ट्र को ताकत मिलती है. राजमाता विजयाराजे भले ही महिलाओं का उत्थान करने की सोच रखती हों, लेकिन राजस्थान विधानसभा की मौजूदा स्थिति देखें तो वहां महिलाओं का प्रतिनिधित्व काफी कम नजर आता है. हालत ये है कि राज्य के कुल 33 जिलों में से 14 ऐसे हैं जहां से पिछले चुनाव में एक भी महिला विधानसभा नहीं पहुंच पाई थी.

2013 में चुनी गईं 28 महिला विधायक  

2013 के विधानसभा चुनाव में केवल 28 महिला प्रत्याशी ही चुनाव जीत पाई थीं. इनमें से एक का निधन हो गया और एक सांसद बन गईं, जिससे कुल महिला विधायकों की संख्या घटकर 26 रह गई. हालांकि, इसके बाद जब धौलपुर सीट के बसपा विधायक बीएल कुशवाहा को 2016 में कत्ल की साजिश रचने के आरोप में उम्रकैद की सजा सुनाई गई तो यहां उपचुनाव हुआ. उपचुनाव में कुशवाहा की पत्नी शोभारानी ने बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीत गईं. इस तरह विधानसभा में महिलाओं की संख्या बढ़कर 27 हो गई.

राजस्थान में विधानसभा सदस्यों की कुल संख्या 200 है, जिनमें से महज 27 महिलाएं हैं यानी महज 13 फीसदी सीटों पर महिला विधायक हैं. इनमें में राज्य के 14 जिले ऐसे हैं, जहां से एक भी महिला विधायक निर्वाचित नहीं हो पाई थी.

इन जिलों से महिला विधायक

राजस्थान में कुल 33 जिले हैं, जिनमें से 19 के विधानसभा क्षेत्रों से महिलाएं चुनकर आई हैं. इन जिलों में श्रीगंगानगर, धौलपुर, अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा व जोधपुर से 2-2 महिला विधायक हैं. जबकि सवाई माधोपुर, राजसमंद, पाली, नागौर, कोटा, करौली, झालावाड़, जालौर, जयपुर, हनुमानगढ़, डूंगरपुर व बीकानेर जिले से 1-1 महिला विधायक हैं. इनमें भी सबसे ऊपर श्रीगंगानगर है, जहां की कुल 6 सीटों में से 3 पर महिला प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की थी.

वसुंधरा कैबिनेट की स्थिति

वसुंधरा सरकार में कुल 17 कैबिनेट मंत्री हैं, जिनमें सिर्फ एक महिला है. किरण माहेश्वरी को राजे ने अपनी कैबिनेट का हिस्सा बनाया था. जबकि राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार की बात की जाए तो उसमें कृष्णेन्द्र कौर और अनिता भदेल को जगह दी गई. एक और महिला विधायक कामसा को राज्य मंत्री बनाया गया है. यानी वसुंधरा के साथ सरकार चलाने के लिए सिर्फ चार महिला मंत्री हैं.

अब जबकि एक बार फिर राजस्थान में विधानसभा चुनाव सिर पर है और सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी की तरफ से एक बार फिर वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर पेश किया गया है. ऐसे में ये देखना दिलचस्प होगा कि उनकी पार्टी से कितनी महिला उम्मीदवारों को चुनावी मैदान में उतारा जाता है. दूसरी तरफ हर फोरम पर महिला अधिकारों को बढ़ाने की बात करने वालेकांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 33 फीसदी आरक्षण की बात तो करते हैं, लेकिन अब देखना होगा कि जब प्रत्याशियों की लिस्ट आती है तो उसमें महिलाओं को कितना हिस्सा दिया जाएगा.