रायपुर : जल संसाधन सचिव श्री बोरा ने की विभागीय काम-काज की समीक्षा : सिंचाई योजनाओं को समय पर पूरा करने अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश

जल संसाधन विभाग के सचिव श्री सोनमणि बोरा ने सिंचाई योजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने के लिए विभागीय अधिकारियों के बीच और अधिक समन्वय की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने आज यहां सिविल लाइन स्थित जल संसाधन विभाग के डाटा सेंटर के सभाकक्ष में आयोजित विभागीय अधिकारियों की बैठक में विभिन्न सिंचाई योजनाओं की बारी-बारी समीक्षा की। श्री बोरा ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार ने किसानों के हित में हर साल एक लाख हेक्टेयर अतिरिक्त रकबे में सिंचाई सुविधा विकसित करने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य को पाने के लिए छोटी-बड़ी सभी सिंचाई योजनाओं को निर्धारित समय में पूरा करना जरूरी है। श्री बोरा ने कहा कि विगत 14 साल में सिंचाई का प्रतिशत 22 से बढ़कर 36 हो गया है। यह राज्य सरकार की विशेष उपलब्धि है।
श्री बोरा ने बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, लक्ष्य भागीरथी अभियान, नाबार्ड पोषित सिंचाई योजनाओं की विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2016-17 और वर्ष 2017-18 के बजट में शामिल सिंचाई योजनाओं की प्रशासकीय तथा निविदा स्वीकृति की स्थिति की जानकारी ली। श्री बोरा ने नाबार्ड की सहायता से स्वीकृत सिंचाई योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेकर इन योजनाओं के लिए मिली राशि के उपयोग की समीक्षा की। श्री बोरा ने लोग सुराज अभियान 2018 के प्रथम चरण में विभाग को प्राप्त आवेदनों के निराकरण के लिए तत्परता से कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और जल संसाधन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल की विभिन्न घोषणाओं को पूरा करने प्राथमिकता से कार्रवाई की जाए। बैठक में भू-अधिग्रहण तथा वन भूमि से संबंधित मामलों के निराकरण के लिए कार्रवाई करने अधिकारियों को खास तौर पर निर्देशित किया गया। बैठक में प्रमुख अभियंता श्री एच.आर. कुटारे सहित सभी मुख्य अभियंता और अनेक अधीक्षण अभियंता तथा कार्यपालन अभियंता उपस्थित थे।