रायपुर : डॉ. पाटील को सर्वश्रेष्ठ कुलपति का अवार्ड : असम के मुख्यमंत्री ने ‘‘बेस्ट वाइस चांसलर अवार्ड 2017’’ से सम्मानित किया

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. एस.के. पाटील को सर्वश्रेष्ठ कुलपति का अवार्ड प्राप्त हुआ है। असम के जोरहाट में कल आयोजित सम्मान समारोह में असम के मुख्यमंत्री डॉ. सर्वानंद सोनोवाल ने डॉ. पाटील को राष्ट्रीय सम्मान ‘‘बेस्ट वाइस चांसलर अवार्ड 2017’’ से विभूषित किया। उन्हंे यह सम्मान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारतीय कृषि विश्वविद्यालय संघ एवं अखिल भारतीय कृषि छात्र संघ द्वारा ‘‘कृषि उद्यमिता एवं रोजगार के अवसर के लिए कृषि में परिवर्तन’’ विषय पर आयोजित तृतीय राष्ट्रीय युवा सम्मेलन में प्रदान किया गया। डॉ. पाटील को यह सम्मान कृषि के क्षेत्र में असाधारण योगदान तथा छात्रों एवं कृषकों को दिये गए प्रोत्साहन के लिए दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. पाटील वर्ष 2011 से इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में कुलपति के रूप में पदस्थ हैं। वर्ष 2016 में राज्य शासन द्वारा उन्हें द्वितीय कार्यकाल के लिए कुलपति मनोनीत किया गया। डॉ. पाटील के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में इंदिरा गंाधी कृषि विश्वविद्यालय को कृषि शिक्षा, अनुसंधान, विस्तार एवं अधोसंरचना विकास तथा कृषि के क्षेत्र में नवाचार के लिए 20 से अधिक राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं तथा विश्वविद्यालय को एक नई पहचान मिली है। कुलपति के रूप में डॉ. पाटील के कार्यकाल में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत 14 नये शासकीय कृषि महाविद्यालय, 02 नये शासकीय उद्यानिकी महाविद्यालय, 01 शासकीय कृषि अभियांत्रिकी महाविद्यालय प्रारंभ किये गए। उनके कार्यकाल में 09 नये कृषि विज्ञान केन्द्र भी स्थापित किये गए। इसी प्रकार उनके कार्यकाल में 05 महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू किये गए। 05 नये विषयों में शोध पाठ्यक्रम प्रारंभ किये गए। डॉ. पाटील के नेतृत्व में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय ने देश के कृषि विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में 17वां स्थान प्राप्त किया। वर्ष 2017 में विश्वविद्यालय से 165 विद्यार्थियों ने नेट परीक्षा उत्तीर्ण की और इंदिरा गंाधी कृषि विश्वविद्यालय नेट उत्तीर्ण परीक्षार्थियों की संख्या में देश में पांचवें स्थान पर रहा। कृषि छात्रों को खेती का व्यवहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए डॉ. पाटील की अभिनव संकल्पना ‘‘चलो गांव की ओर’’ कार्यक्रम की सर्वत्र सराहना हो रही है।
डॉ. पाटील को मृदा एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास कार्य का गहन अनुभव है। उन्होंने राज्य के सुदूर बीहड़ आदिवासी अंचल बस्तर में लघु एवं सीमांत कृषकों की आजीविका में आर्थिक एवं सामाजिक सुधार हेतु अनुसंधान परियोजना का प्रमुख अनवेषक के रूप में सफलतापूर्वक संचालन किया। डॉ. पाटील के द्वारा विकसित मॉडल को भारत सरकार की संस्था भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली द्वारा वर्ष 2016 में फखरूदीन अली अहमद अवार्ड प्रदान किया गया। जैवविविधता संरक्षण में उल्लेखनीय कार्य हेतु भारत सरकार के कृषि एवं सहकारिता तथा कृषक कल्यांण विभाग द्वारा सम्मानित किया गया। डॉ. पाटील को अनेक अवार्ड, ऑनर, रिकगनिशन प्राप्त हो चुके है, जिनमें ब्यॉजकॉस्ट फेलोषिप प्रमुख है। डॉ. पाटील छत्तीसगढ़ शासन के योजना आयोग के कृषि टास्क फोर्स के अध्यक्ष के रूप में कार्य कर रहें हैं।