रायपुर : दिवाली के बाद प्रदेश के तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मिलेगा 270 करोड़ का बोनस: डॉ. रमन सिंह

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज कहा कि राज्य के लगभग 13 लाख तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को 270 करोड़ रूपए का बोनस बांटने का काम दीपावली के बाद शुरू कर दिया जाएगा। डॉ. सिंह ने आज बस्तर संभाग के मुख्यालय जगदलपुर में आयोजित बोनस तिहार की विशाल जनसभा में यह घोषणा की। उन्होंने वहां प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के 16 हजार 200 सदस्य किसानों को पिछले साल के धान के लिए 25 करोड़ 36 लाख रूपए का बोनस ऑन लाइन वितरित किया।
मुख्यमंत्री ने आज इसे मिलाकर जगदलपुर (बस्तर) और भानुप्रतापपुर (जिला -कांकेर) के बोनस तिहारों में लगभग 64 हजार 319 किसानों को 90 करोड़ 78 लाख रूपए का धान बोनस लेपटॉप के जरिये ऑन लाइन दिया। मुख्यमंत्री ने जगदलपुर के बोनस तिहार में कहा- राज्य सरकार अपने संकल्प के अनुरूप पिछले वर्ष 2016 के धान के लिए तेरह लाख 58 हजार किसानों को इस वर्ष बोनस दे रही है। उन्होंने जगदलपुर और भानुप्रतापपुर के बोनस तिहारों की आमसभाओं में कहा- इस बार का धान का बोनस अगले साल दीपावली के पहले दिया जाएगा। डॉ. सिंह ने बस्तर संभाग के सभी जिलों में तेजी से हो रहे सामाजिक-आर्थिक विकास की चर्चा करते हुए कहा कि बस्तर अब 21वीं सदी में आ गया है। जिन लोगों को विकास की परिभाषा समझना हो, उन्हें बस्तर आकर यहां हो रहे विकास कार्याें को देखना चाहिए। मुख्यमंत्री ने दोनों जिलों के बोनस तिहारों में विभिन्न योजनाओं के तहत 325 करोड़ 28 लाख रूपए के निर्माण कार्याें का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया।
डॉ. रमन सिंह ने दोनों कार्यक्रमों में कहा – धान का बोनस देने का संकल्प हमने लिया था। राज्य सरकार ने जैसे ही धान का बोनस देने की घोषणा की, प्रदेश के किसानों के चेहरों पर खुशहाली की चमक आ गई। उन्होंने कहा – छत्तीसगढ़ की सरकार किसानों की सरकार है। किसानों की मदद से ही वर्ष 2003, वर्ष 2008 और वर्ष 2013 में हमें सरकार बनाकर प्रदेशवासियों की सेवा का अवसर मिला है। खेती की लागत का बोझ कम करने के लिए राज्य सरकार किसानों को शून्य ब्याज दर पर ऋण सुविधा दे रही है। डॉ. सिंह ने कहा – धान के बोनस के साथ-साथ प्रदेश सरकार तेन्दूपत्ता संग्राहकों को भी बोनस देने जा रही है। दीपावली के बाद तेन्दूपत्ते का बोनस देने का काम शुरू हो जाएगा।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश की 901 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों में 13 लाख से ज्यादा वनवासी सदस्य के रूप में शामिल हैं, जो हर साल गर्मियों में अतिरिक्त आमदनी के लिए वनों में तेन्दूपत्ता तोड़ने का काम करते हैं। राज्य सरकार ने साल-दर-साल उनका पारिश्रमिक 350 रूपए से बढ़ाकर अब 1800 रूपए प्रति मानक बोरा कर दिया  है। इसके अलावा उन्हें वनोपज सहकारी समितियों में तेन्दूपत्ते के कारोबार में लाभांश (बोनस) भी दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने आज जैसे ही धान बोनस के कार्यक्रमों में दीपावाली के बाद तेन्दूपत्ते का बोनस देने की घोषणा की, हजारों की संख्या में मौजूद ग्रामीणों ने हर्ष ध्वनि से उनका स्वागत किया। डॉ. रमन सिंह ने विशाल जनसभाओं में यह भी कहा कि प्रदेश के आदिवासी बहुल बस्तर और सरगुजा संभागों में सर्वाधिक दो लाख 30 हजार वनवासी परिवारों को वन अधिकार मान्यता पत्र दिए गए हैं। इसी तरह तीन हजार सामुदायिक वनाधिकार मान्यता पत्र भी वितरित किए गए हैं।

डॉ. सिंह ने जगदलपुर की जनसभा में बस्तर के लोकप्रिय आदिवासी नेता स्वर्गीय श्री बलीराम कश्यप को विशेष रूप से याद किया और कहा कि स्वर्गीय श्री कश्यप ने आदिवासी परिवारों को वन अधिकार मान्यता पत्र दिलाने के लिए भी खूब प्रयास किया था। वे आदिवासियों के हितों की रक्षा के लिए हमेशा सक्रिय रहते थे। डॉ. सिंह ने कहा – इस वर्ष मानसून कमजोर रहा। इस वजह से राज्य की 96 तहसीलों में सूखे की स्थिति निर्मित हुई। प्रदेश सरकार ने सूखा पीड़ित किसानों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (आर.बी.सी.) 6-4 के तहत मुआवजा देने और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ देने का निर्णय लिया है। उन्हें धान का बोनस भी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा – सम्पूर्ण बस्तर संभाग के हर क्षेत्र में आज विकास के कार्य तेजी से हो रहे हैं। लोगों को विकास की परिभाषा समझनी हो तो उन्हें बस्तर आकर देखना चाहिए, जहां जगदलपुर से दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, नारायणपुर आदि हर जिले में सड़कों का जाल बिछ रहा है। युवाओं को रोजगार प्रशिक्षण देने के लिए बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा में शुरू किए गए लाइवलीहुड कॉलेज का विस्तार आज छत्तीसगढ़ के सभी 27 जिलों में हो चुका है।
उन्होंने कहा – वर्ष 2018 के पहले बस्तर संभाग के हर गांव, हर घर, हर मजरे-टोले में बिजली की सुविधा मिलने लगेगी। इलाके में तेजी से विद्युत सुविधाओं का जाल बिछाया जा रहा है। उन्होंने कहा – बस्तर न केवल सड़क नेटवर्क से जुड़ रहा है, बल्कि रेल और विमान यातायात के नेटवर्क से भी बहुत जल्द जुड़ जाएगा। दूर संचार नेटवर्क का भी तेजी से विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा – दल्लीराजहरा से रावघाट होते हुए जगदलपुर तक 235 किलोमीटर रेल मार्ग का निर्माण चल रहा है।  यह रेल मार्ग लगभग भानुप्रतापपुर तक पहुंच गया है और बहुत जल्द जगदलपुर से भी जुड़ जाएगा। इसी तरह रायपुर से जगदलपुर होते हुए विशाखापटनम तक विमान सेवा की भी शुरूआत बहुत जल्द होने जा रही है। डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की योजनाओं की चर्चा करते हुए बोनस तिहारों में कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना श्री मोदी की ऐतिहासिक योजना है, जिसमें पूरे देश के पांच करोड़ गरीब परिवारों की महिलाओं को धुएं से मुक्ति के लिए रसोई गैस कनेक्शन दिए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में 36 लाख परिवारों को इस योजना से जोड़ने का लक्ष्य है । अब तक 14 लाख से ज्यादा घरों में महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं। डॉ. सिंह ने छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण में तत्कालीन प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी के ऐतिहासिक योगदान को भी याद किया।
मुख्यमंत्री ने आज जगदलपुर (जिला-बस्तर) और भानुप्रतापपुर (जिला-कांकेर) के बोनस तिहारों के अवसर पर वहां 64 हजार 319 किसानों को 90 करोड़ 78 लाख रूपए का धान का बोनस देने के साथ-साथ दोनों जिलों के विकास के लिए 325 करोड़ 28 लाख रूपए के विभिन्न निर्माण कार्याें की सौगात दी। उन्होंने इनमें से जगदलपुर में 66 करोड़ 82 लाख रूपए और भानुप्रतापपुर में 258 करोड़ 46 लाख रूपए के निर्माण कार्यों का लोकार्पण, भूमिपूजन और शिलान्यास किया। जगदलपुर के बोनस तिहार में मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के कृषि और जल संसाधन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल, राजस्व और उच्च शिक्षा मंत्री श्री प्रेमप्रकाश पाण्डेय, स्कूल शिक्षा और आदिम जाति विकास मंत्री श्री केदार कश्यप, लोकसभा सांसद श्री दिनेश कश्यप और विधायक श्री संतोष बाफना सहित जिले के अनेक वरिष्ठ जनप्रतिनिधि तथा विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी उपस्थित थे।
उज्ज्वला योजना में चार हजार महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन
मुख्यमंत्री ने जगदलपुर के बोनस तिहार में जिन निर्माण कार्याें का लोकार्पण किया, उनमें 8 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित शहीद गुण्डाधुर शासकीय महाविद्यालय भवन, शासकीय काकतीय महाविद्यालय में निर्मित 12 अतिरिक्त कमरें, घाटलोहंगा में निर्मित ऊर्जा पार्क और मनरेगा के अभिसरण से निर्मित 117 आंगनबाड़ी केन्द्र भी शामिल हैं। उन्होंने 13.45 करोड़ की लागत से निर्मित ऑडिटोरियम 14.57 करोड़ रुपए की लागत से ग्राम गरावंडकला में निर्मित 500 सीटर छात्रावास, 6.86 करोड़ रुपए की लागत से जगदलपुर में निर्मित स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स, 4 करोड़ रुपए की लागत जगदलपुर में निर्मित सेंट्रल लायब्रेरी, आदि शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने जगदलपुर में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े 1693 महिला स्वसहायता समूहों को 25 करोड़ 41 लाख रुपए के ऋण स्वीकृति पत्रों का भी वितरण किया। उन्होंने हाईस्कूलों की 500 छात्राओं को सरस्वती साइकिल योजना के तहत निःशुल्क साइकिल दी। डॉ. सिंह ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत चार हजार महिलाओं को रसोई गैस कनेक्शन, डबल बर्नर चूल्हा और पहला भरा हुआ सिलेण्डर भी दिया। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री सिलाई सहायता योजना के तहत 200 महिला श्रमिकों को सिलाई मशीनों का भी वितरण किया। उन्होंने 3000 सामुदायिक वन अधिकार मान्यता पत्र तथा सौर सुजला योजना के तहत 500 किसानों को सिंचाई पम्प स्वीकृति पत्र दिए। इसी तरह उन्होंने भानुप्रतापपुर के बोनस तिहार में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में हितग्राहियों को सामग्री और अनुदान राशि के चेक बांटे।