रायपुर : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ की कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न : वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए वार्षिरायपुर : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ की कार्यकारिणी समिति की बैठक संपन्न : वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए वार्षिक कार्ययोजना 1709.43 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को प्रेषितक कार्ययोजना 1709.43 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केन्द्र सरकार को प्रेषित

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छत्तीसगढ़ की कार्यकारिणी समिति की बैठक स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव श्री सुब्रत साहू की अध्यक्षता में आज यहां पुराना संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं के सभाकक्ष में आयोजित हुई। बैठक में उददेश्यों के अनुरुप स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए विस्तार से चर्चा की गई। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए प्रस्तावित नवीन वार्षिक कार्य योजना एक हजार 709 करोड़ 43 लाख रुपये का अनुमोदन कर केन्द्र सरकार को स्वीकृति हेतु प्रस्ताव प्रेषित की गई। प्रस्ताव में एम्बुलेंस सेवा के लिए 16.93 लाख रुपये में से 07.50 लाख रुपये को ईएमआरआई के लिए पुर्नविनियोजन, राज्य स्वास्थ्य समिति तथा राज्य स्वास्थ्य संसाधन केन्द्र के मध्य हुए अनुबंध अवधि के नवीनीकरण शामिल है। इसी तरह ऑडियोमेट्रिक असिस्टेंट पद के लिए पैरामेडिकल ऑडियोलॉजी तकनीशियन पोस्ट को सेवा भर्ती नियम में जोंड़ने, राज्य स्तर पर शवविकसित अंग प्रत्यारोपण प्रोग्राम प्रारंभ करने, एनएचएम अंतर्गत वित्तीय सहायता के लिए, एनपीसीडीसीएस कार्यक्रम के तहत पापुलेशन बैस्ड स्क्रीनिंग के लिए ग्रुप इंसेन्टिव हेतु, स्वीकृत राशि का पुर्नाबंटन, सहित अन्य संबंधित प्रस्ताव शामिल है।
बैठक में श्री साहू ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं राज्य स्वास्थ्य संसाधन केन्द्र के साथ 03 वर्ष का अनुबंध किया गया था। जो दिनांक 31 मार्च 2018 को समाप्त हो रहा है। इस अनुबंध अवधि को अप्रैल 2018 से मार्च 2023 तक नवीनीकरण किये जाने हेतु निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की कार्यावधि आगामी वर्ष 2022 तक के लिये बढ़ाई गई है। उल्लेखनीय है कि राज्य स्वास्थ्य संसाधन केन्द्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग एजेंसी के रुप में काम कर रहे है। कार्यक्रमों में प्रमुखतः मितानिन कार्यक्रम के अंतर्गत सभी गतिविधियां शामिल है। प्रतिवर्ष राज्य स्वास्थ्य संसाधन केन्द्र को एक करोड़ की राशि की स्वीकृति होती है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत स्वीकृत संविदा पद भारतीय पुर्नवास परिषद् द्वारा चलाये जाने वाले पाठ्यक्रम डिप्लोमा इन हियरिंग लैंगवेज एंड स्पीच को प्रथम प्राथमिकता तथा पैरामेडिकल काउंसिल द्वारा चलाये जा रहे एक वर्षीय सर्टिफिकेट कोर्स पैरामेडिकल कार्डियोलॉजी/स्पीच टेक्निशियन कोर्स को द्वितीय प्राथमिकता दिये जाने की स्वीकृति दी गई। श्री साहू ने बताया कि शवविकसित अंग प्रत्यारोपण प्रारंभ किये जाने के लिए केन्द्र सरकार से राशि स्वीकृत होने के उपरांत यह कार्यक्रम प्रारंभ किया जायेगा।
बैठक में अधिकारियो ने बताया कि राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत कैंसर, मधुमेह, सीवीडी और स्ट्रोक की रोकथाम और नियंत्रण के लिए इस वर्ष 2017-18 में जनसंख्या आधारित स्क्रीनिंग कार्यक्रम रायपुर के अभनपुर, धमतरी के कुरुद विकासखंड तथा दुर्ग के पाटन विकासखंड में संचालित है। तीनों जिले के 118 उपस्वास्थ्य केन्द्रों के लिए 17.70 लाख रुपये की राशि स्वीकृत किया गया। इन तीनों जिलों को संचालक, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा उक्त राशि को पुर्नाबंटन कर संबंधित जिलों को आबंटित किया जायेगा। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत 25 विशेष नवजात शिशु चिकित्सा ईकाई स्वीकृत है। 24 जिला चिकित्सालय रायपुर, धमतरी, महासमुंद, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, सरगुजा, कोरिया, बलरामपुर, जशपुर, कांकेर, दंतेवाड़ा, बस्तर, कोण्डागांव, नारायणपुर, जांजगीर-चांपा, बालोद, बेमेतरा, बीजापुर, सुकमा, बलौदा-बाजार तथा कवर्धा तथा एक डॉ. बी.आर. अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में स्थापना स्वीकृत है। जिसमें 17 विशेष नवजात शिशु चिकित्सा ईकाई क्रियाशील है। 02 विशेष नवजात शिशु चिकित्सा ईकाई जांजगीर एवं जशपुर में मार्च 2018 तक क्रियाशील हो जाएगा। शेष में निर्माण कार्य प्रकियाधीन है। बैठक में संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्रीमती रानू साहू, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे, संचालक स्वास्थ्य एवं परिवार डॉ. आर.आर. साहनी, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. ए.के. चन्द्राकर, प्रबंध संचालक छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कार्पोरेशन श्री वी. रामाराव, संचालक राज्य स्वास्थ्य संसाधन केन्द्र डॉ. प्रबीर चटर्जी सहित अन्य संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।