रायपुर : रोजगार सृजन, आजीविका मिशन, ई-रिक्शा, डेयरी विकास और उच्च शिक्षा ऋण अनुदान सहित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत अधिक से अधिक ऋण स्वीकृत करने के निर्देश : मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक

मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मुख्य सचिव ने डिजीटल पेमेंट को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न बैंकों को भीम-एप्प इंस्टाल करने, ग्रामीण क्षेत्रों में एटीएम मशीनों में पर्याप्त मात्रा में कैश की उपलब्धता सुनिश्चित करने और  हितग्राहियों के बैंक खातों में आधार नम्बर एवं मोबाईल नम्बर सीडिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना, डेयरी विकास, ई-रिक्शा, अंत्योदय स्वरोजगार एवं आदिवासी स्वरोजगार योजना सहित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत अधिक से अधिक ऋण स्वीकृत करने के निर्देश बैठक में उपस्थित विभिन्न बैंको के अधिकारियों को दिए। बैठक में बैंक-वार और योजना-वार ऋण प्रकरणों की समीक्षा की गयी। मुख्य सचिव ने वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिए अपनाए जा रहे विभिन्न उपायों के तहत किसानों को ऋण-अनुदान देने के साथ ही नाबार्ड के तहत किसानों को लाभान्वित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में पर्यावरण की दृष्टि से रायपुर, दुर्ग, भिलाई, राजनांदगांव, बिलासपुर, कोरबा सहित राज्य के प्रमुख शहरों में ई-रिक्शा को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत अधिक से अधिक ऋण स्वीकृत करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में बैंकर्स समिति के संयोजक श्री ब्रम्हा सिंह ने पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों और निर्देशों के पालन प्रतिवेदन से अवगत कराया। उन्होंने प्रस्तुतिकरण के जरिये बैंक-वार ऋण प्रकरणों की जानकारी दी। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत अब तक एक करोड़ 26 लाख चार हजार 805 खाते खोले जा चुके हैं। इनमें से 96 लाख 10 हजार 386 खातो में आधार नम्बरों की सीडिंग हो गयी हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष 2017-18 में 31 अगस्त तक तीन लाख 74 हजार 110 लोगों को दो हजार 376 करोड़ 57 लाख रूपए का ऋण और स्टैण्ड-अप इंडिया के तहत 336 प्रकरणों में 72 करोड़ तीन लाख रूपए की ऋण राशि स्वीकृत की गयी है। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के तहत पिछले वित्तीय वर्ष 2016-17 में 773 विद्यार्थियों को एक करोड़ 64 लाख रूपए का शिक्षा ऋण दिया गया। इस योजना के तहत दो लाख रूपए तक वार्षिक आय वाले परिवार के विद्यार्थियों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर चार लाख रूपए तक ऋण दिया जाता है। बैठक में इस योजना की पात्रता के लिए दो लाख रूपए वार्षिक आय की सीमा और शिक्षा ऋण की अधिकतम राशि चार लाख रूपए को बढ़ाने पर भी विचार किया गया।
बैठक में अपर मुख्य सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री एम.के. राउत, प्रमुख सचिव वन श्री आर.पी. मण्डल, प्रमुख सचिव वित्त श्री अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव गृह श्री बी.व्ही.आर. सुब्रमण्यम, सचिव राजस्व श्री एन.के. खाखा, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री पी.सी. मिश्रा, सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास सुश्री शहला निगार, सचिव कृषि श्री अनूप श्रीवास्तव, विशेष सचिव नगरीय प्रशासन डॉ. रोहित यादव, विशेष सचिव वित्त डॉ. कमलप्रीत सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा भारतीय स्टेट बैंक, नाबार्ड, बैंक ऑफ बड़ोदा, बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, देना बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, यूको बैंक, एक्सिस बैंक, एच.डी.एफ.सी. बैंक, आई.सी.आई.सी. बैंक, अपेक्स बैंक एवं छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक सहित 47 विभिन्न बैंकों के अधिकारी उपस्थित थे।