रायसेन जिले में बनाए जा रहे खरबई चिड़ियाघर को मिली सैद्धांतिक मंजूरी

राजधानी से 25 किमी दूर रायसेन जिले में बनाए जा रहे खरबई चिड़ियाघर (जू) को केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। ये चिड़ियाघर कई मायनों में वन विहार से अलग होगा। यहां दूसरे प्रदेश और देशों के विभिन्न् प्रजातियों के वन्यप्राणी, जलीय जीव और पक्षी रखे जाएंगे। लिहाजा अब चिड़ियाघर का विस्तृत प्लान बनाया जा रहा है।

राज्य सरकार प्रदेश में पांच नए चिड़ियाघर खोल रही है। इसमें खरबई-जू को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। प्राधिकरण ने वन विभाग से चिड़ियाघर की विस्तार से योजना मांगी है। करीब डेढ़ सौ एकड़ में बनाया जा रहा ये चिड़ियाघर वनमंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार के विधानसभा क्षेत्र में आता है। यहां चिड़ियाघर की औपचारिक तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। विभाग ने जनवरी 2017 में इस क्षेत्र में चिड़ियाघर खोलने का प्रस्ताव भेजा था।

अपर प्रधान मुख्य वनसंरक्षक (वन्यप्राणी) आलोक कुमार ने बताया कि जू की सैद्धांतिक मंजूरी के साथ आगे की तैयारियां शुरू कर दी हैं। अब सीजेडए के मानदंड के मुताबिक प्लान तैयार किया जा रहा है। इसमें नक्शे की मदद से ये बताया जाएगा कि हम कहां क्या बना रहे हैं। उन्होंने बताया कि कई चरणों में इसकी स्वीकृति मिलती है। करीब दो साल में सभी स्वीकृति मिल जाएंगी। उल्लेखनीय है कि खरबई के साथ जबलपुर, ग्वालियर, सागर और इंदौर में भी जू बनाए जाने हैं।